सृजनशीलता (Creativity)
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और समावेशी शिक्षा के विशेष संदर्भ में, 'विशिष्ट बालकों' (Exceptional Children) के अंतर्गत 'सृजनात्मक बालकों' (Creative Children) की पहचान के लिए उपयोग किए जाने वाले 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) में मुख्य रूप से सृजनात्मकता के किन चार घटकों का मूल्यांकन किया जाता है?
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Detailed Explanation
एलिज़ा टोरेंस (E. Paul Torrance) द्वारा विकसित 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) सृजनात्मकता मापने का सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला उपकरण है। इसके अंतर्गत सृजनात्मक चिंतन के चार मुख्य घटकों का मूल्यांकन किया जाता है: 1. प्रवाह (Fluency) - विचारों की मात्रा उत्पन्न करने की क्षमता, 2. लचीलापन (Flexibility) - विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोणों से सोचने की क्षमता, 3. मौलिकता (Originality) - अद्वितीय या असामान्य विचार उत्पन्न करने की प्रवृत्ति, और 4. विस्तार (Elaboration) - किसी साधारण विचार को विस्तृत और विकसित करने की क्षमता। अतः विकल्प (b) इस प्रश्न का सबसे सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से सही उत्तर है।
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डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning…
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, प्रशासनिक तथा शैक्षणिक स्वरूपों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय अपनी संरचना, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों में इस प्रकार का मूलभूत परिवर्तन करता है कि वह प्रत्येक बालक (चाहे उसकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई क्षमताएं कितनी भी भिन्न क्यों न हों) की व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ हो सके, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक और वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड और ई. टोरेंस द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, मौलिकता, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: कल्पना और आंतरिक मानसिक सिमुलेशन), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन और चयनात्मक ध्यान) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - SN: नेटवर्क के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील अंतःक्रिया, तंत्रिका सह-सक्रियण (Neural Co-activation), और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी कल्पना शक्ति व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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