क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध' (Operant Conditioning) सिद्धांत के अंतर्गत 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'परिवर्ती अंतराल अनुसूची' (Variable Interval Schedule) का अधिगमकर्ताओं के व्यवहार पर क्या सबसे प्रमुख और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है?
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Detailed Explanation
बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में 'परिवर्ती अंतराल अनुसूची' (Variable Interval Schedule) के तहत पुनर्बलन एक अनिश्चित और बदलते समय अंतराल के बाद दिया जाता है (जैसे कभी 2 मिनट बाद, कभी 7 मिनट बाद, कभी 4 मिनट बाद)। चूँकि अधिगमकर्ता को यह ज्ञात नहीं होता कि अगला पुनर्बलन कब मिलेगा, इसलिए वह एक स्थिर और निरंतर मध्यम गति से अनुक्रिया करता रहता है। इस अनुसूची की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि यह विलुप्तिकरण (Extinction) के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोध (Resistance) उत्पन्न करती है, अर्थात पुनर्बलन बंद होने के बाद भी यह व्यवहार काफी लंबे समय तक बना रहता है।
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नॉर्मन मैन्सर (Norman Munn) या बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित…
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