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विकास के प्रमुख सिद्धांतकार सभी देखें (1928) जीन पियाजे519 लेव वाइगोत्स्की403 लॉरेंस कोहलबर्ग19 एरिक एरिक्सन37 जेरोम ब्रूनर76 अल्बर्ट बंडूरा134 सिगमंड फ्रायड278 मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद406 अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)56
अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
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वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,161 times
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध' (Operant Conditioning) सिद्धांत के अंतर्गत 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'परिवर्ती अंतराल अनुसूची' (Variable Interval Schedule) का अधिगमकर्ताओं के व्यवहार पर क्या सबसे प्रमुख और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है?

Detailed Explanation

बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में 'परिवर्ती अंतराल अनुसूची' (Variable Interval Schedule) के तहत पुनर्बलन एक अनिश्चित और बदलते समय अंतराल के बाद दिया जाता है (जैसे कभी 2 मिनट बाद, कभी 7 मिनट बाद, कभी 4 मिनट बाद)। चूँकि अधिगमकर्ता को यह ज्ञात नहीं होता कि अगला पुनर्बलन कब मिलेगा, इसलिए वह एक स्थिर और निरंतर मध्यम गति से अनुक्रिया करता रहता है। इस अनुसूची की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि यह विलुप्तिकरण (Extinction) के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोध (Resistance) उत्पन्न करती है, अर्थात पुनर्बलन बंद होने के बाद भी यह व्यवहार काफी लंबे समय तक बना रहता है।
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