मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,030 times
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs - D-needs) बनाम 'विकास की आवश्यकताएं' (Being Needs - B-needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation), मानसिक स्वास्थ्य और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्राहम मास्लो के 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' के अनुसार, मनुष्य की आवश्यकताएं एक पदानुक्रम में व्यवस्थित होती हैं। निचले स्तर की आवश्यकताएं जैसे शारीरिक (भूख, प्यास) और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs - D-needs) कहलाती हैं, जिनकी संतुष्टि न होने पर तनाव उत्पन्न होता है। जब तक ये बुनियादी आवश्यकताएं पूरी नहीं होतीं, तब तक व्यक्ति प्रेम, आत्म-सम्मान और 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization/B-needs) जैसी उच्च स्तरीय विकास संबंधी आवश्यकताओं की ओर आगे नहीं बढ़ सकता। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम और मानसिक स्वास्थ्य के लिए यह अनिवार्य है कि शिक्षक पहले उनकी सुरक्षित और supportive environment वाली बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखें।
अगला प्रश्न →
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा…
← पिछला प्रश्न
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत'…
Related Questions
→
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—अर्थात् 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण की आवश्यकता' (Need for Self-Actualization)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता, प्रतिभा और अंतर्निहित संभावनाओं का पूर्ण विकास और सदुपयोग करने के लिए प्रेरित होता है, और यह आवश्यकता तभी सक्रिय होती है जब उसकी पिछली सभी शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान संबंधी आवश्यकताएं संतोषजनक रूप से पूरी हो चुकी होती हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, रचनात्मकता के विकास और उनके संपूर्ण व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी सर्वोच्च क्षमताओं, रचनात्मकता, आत्म-विकास और आंतरिक संभावनाओं को पूरी तरह से साकार करने की तीव्र मनोवैज्ञानिक ड्राइव का अनुभव करता है, जो शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान जैसी सभी बुनियादी और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के संतुष्ट होने के बाद शीर्ष स्तर पर प्रकट होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय प्रेरणा, सृजनात्मकता के संवर्धन और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी मानवतावादी अभिप्रेरणा सिद्धांत / आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी सभी न्यूनता जनित आवश्यकताओं (Deficiency Needs) को संतुष्ट करने के पश्चात् अपनी संपूर्ण आंतरिक क्षमताओं, योग्यताओं, रचनात्मकता और व्यक्तिगत पोटेंशियल का अधिकतम और यथार्थवादी विकास व उपयोग करके अपने जीवन के चरम लक्ष्य को प्राप्त करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरणा, सृजनात्मकता और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च और अंतिम मनोवैज्ञानिक स्तर—'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)—जिसे उस अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति अपनी पूर्ण आंतरिक क्षमताओं, सृजनात्मक संभावनाओं और वैयक्तिक विकास के चरम शिखर को प्राप्त कर लेता है और अपनी विशिष्ट पहचान को सार्थक रूप से चरितार्थ करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय सृजन, आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), व्यक्तिगत स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के सर्वोच्च स्तर—'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization)—तथा इसके ठीक नीचे के स्तर 'सम्मान की आवश्यकताएं' (Esteem Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अंतर्निहित क्षमताओं के पूर्ण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति, और स्वस्थ मनोवैज्ञानिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्ण रूप से कार्य करने वाला व्यक्ति' (Fully Functioning Person) की अवधारणा तथा 'अस्वीकृतारहित सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा, स्व-संकल्पना (Self-Concept) के विकास, और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और 'सौंदर्यपरक आवश्यकताओं' (Aesthetic Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) तथा मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning), 'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator) की अवधारणा, तथा 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की 'स्वयं की संकल्पना' (Self-Concept) के सुदृढ़ीकरण और आंतरिक स्वायत्तता के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.