संवेगात्मक विकास
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जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित संलग्नता के चार प्रमुख प्रकारों—(1) सुरक्षित संलग्नता (Secure Attachment), (2) असुरक्षित-चिंतित/प्रतिरोधी संलग्नता (Insecure-Ambivalent/Resistant Attachment), (3) असुरक्षित-वारदात/परिहार संलग्नता (Insecure-Avoidant Attachment), और (4) अव्यवस्थित/भ्रमित संलग्नता (Disorganized/Disoriented Attachment)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), अन्वेषण व्यवहार (Exploratory Behavior), और शिक्षक-विद्यार्थी सुरक्षित आधार (Secure Base) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी के संलग्नता सिद्धांत (Attachment Theory) के अनुसार, सुरक्षित संलग्नता (Secure Attachment) से जुड़े बच्चों में संवेगात्मक स्थिरता और आत्मविश्वास पाया जाता है। वे शिक्षक या देखभालकर्त्ता को 'सुरक्षित आधार' मानकर बेझिझक नए ज्ञान और वातावरण का अन्वेषण करते हैं, जो कक्षा-कक्षीय अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के लिए अत्यधिक सकारात्मक है। इसके विपरीत, असुरक्षित संलग्नता वाले रूपों में चिंता, परिहार या अव्यवस्था पाई जाती है जिससे उनका संवेगात्मक समायोजन प्रभावित होता है।
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