सृजनशीलता (Creativity)
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पॉल टॉरेंस (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मकता के सिद्धांत' (Theory of Creativity) एवं 'टॉरेंस परीक्षण ऑफ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख घटकों—(1) प्रवाह (Fluency), (2) लचीलापन (Flexibility), (3) मौलिकता (Originality), और (4) विस्तारण (Elaboration)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), कल्पनाशीलता के संवर्धन, और नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
पॉल टॉरेंस (E. Paul Torrance) ने सृजनात्मकता के मापन और विकास के लिए 'Torrance Tests of Creative Thinking' (TTCT) का प्रतिपादन किया, जिसमें चार प्रमुख संज्ञानात्मक घटक शामिल हैं: (1) प्रवाह (Fluency) - कम समय में अधिक से अधिक विचार उत्पन्न करना, (2) लचीलापन (Flexibility) - विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोनों से सोचना, (3) मौलिकता (Originality) - ऐसे अनूठे और असाधारण विचार प्रस्तुत करना जो सामान्यतः दूसरों के पास न हों, और (4) विस्तारण (Elaboration) - किसी मूल विचार में गहराई लाना और उसका विस्तार करना। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इन घटकों का प्रबंधन विद्यार्थियों में अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) को प्रोत्साहित करता है, जो MPTET और बाल विकास के पाठ्यक्रम में सृजनात्मक बालकों की पहचान और उनके शिक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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