बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) के पाँच चरणों—(1) सुझाव (Suggestion), (2) समस्या (Problem), (3) परिकल्पना (Hypothesis), (4) तर्क (Reasoning), और (5) परिकल्पना का परीक्षण (Testing the Hypothesis)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), लोकतांत्रिक कक्षा संस्कृति, और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जॉन डीवी का 'प्रगतिशील शिक्षा' और 'कर करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीवी के अनुसार, 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) वह सक्रिय, निरंतर और सावधानीपूर्वक की जाने वाली प्रक्रिया है जो किसी भी विश्वास या ज्ञान के रूप को उसके आधार और निष्कर्षों के संदर्भ में जांचती है। इसके पाँच चरण—सुझाव, समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, तर्क और परिकल्पना का परीक्षण—विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार, विकल्प (b) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ और कक्षा-कक्षीय प्रबंधन का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी पूर्व-निर्धारित स्थिर ज्ञान को निष्क्रिय रूप से रटने के बजाय वास्तविक जीवन की समस्याओं और सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों में सक्रिय रूप से संलग्न होकर, जॉन डीवी के पांच-चरणीय चिंतन मॉडल (समस्या की अनुभूति, समस्या का स्पष्टीकरण, परिकल्पना निर्माण, परिकल्पना का परीक्षण और मूल्यांकन) के माध्यम से ज्ञान का सक्रिय निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक समस्या-समाधान, लोकतांत्रिक नागरिकता और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षा को केवल भविष्य के लिए तैयारी नहीं बल्कि वर्तमान जीवन का अनुभव माना जाता है, जहाँ छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं का सामना करते हुए वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Method) के माध्यम से अपने अनुभवों का पुनर्निर्माण (Reconstruction of Experience) करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक समस्या-समाधान और व्यावहारिक ज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) तथा 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की पाँच चरणों की प्रक्रिया—(1) कठिनाई की अनुभूति, (2) समस्या का स्थान निर्धारण और उसका परिभाषाकरण, (3) संभावित समाधानों या परिकल्पनाओं का निर्माण, (4) परिकल्पनाओं के परिणामों का मानसिक परीक्षण (तर्क), और (5) परिकल्पनाओं का प्रयोगात्मक सत्यापन—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समस्या-समाधान क्षमताओं, अनुभवात्मक लोकतन्त्र, और आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) तथा 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) और 'समस्या-समाधान की पांच चरणों वाली वैज्ञानिक पद्धति' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक सहभागिता, प्रायोगिक अनुभव और आलोचनात्मक तर्क (Critical Thinking) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन और जॉन ड्यूई के 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी शिक्षण पद्धति इस शिक्षा प्रणाली की सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक विशेषता को दर्शाती है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (करके सीखना) और 'समस्या समाधान विधि' के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक आधारों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस शिक्षा प्रणाली के उस मौलिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित शिक्षा से पूर्णतः भिन्न है?
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