जीन पियाजे
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठक' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत नए अधिगम सामग्री से ठीक पहले उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त संकल्पनाओं या पैटर्नों को प्रस्तुत किया जाता है ताकि शिक्षार्थी अपनी पूर्व-ज्ञान संरचना (Cognitive Structure) के साथ नए ज्ञान का 'समाकलन' (Assimilation) या 'संज्ञानात्मक पुल' (Cognitive Bridge) का निर्माण कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक ज्ञान संग्रहण (Long-term Retention), वैचारिक स्पष्टता, और सार्थक अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल के सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत में 'अग्रिम संगठक' (Advance Organizer) का मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद विचारों और नए ज्ञान के बीच की दूरी को पाटना है। यह एक उच्च-स्तरीय, अमूर्त परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है जो नए तथ्यों को 'सबसम्प्शन' (Subsumption यानी अधीनस्थ समावेशन) के माध्यम से मौजूदा स्कीमा में सटीक रूप से फिट करने में मदद करता है। विकल्प (c) इसके वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ और वैज्ञानिक रूप से मान्य शिक्षण प्रभाव का सटीक वर्णन करता है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की एक अति महत्वपूर्ण मानसिक विशेषता के रूप में वर्णित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी पूर्ववर्ती सीमा (केंद्रीकरण या Centration) से ऊपर उठकर एक साथ कई आयामों, दृष्टियों और पक्षों पर एक साथ विचार करने की योग्यता हासिल कर लेता है तथा 'संरक्षण' (Conservation) और 'वर्गीकरण' (Classification) जैसे तार्किक मानसिक कौशल सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक बहु-आयामी चिंतन, अनुभव-आधारित समस्या-समाधान और वैचारिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की उस महत्वपूर्ण विशेषता के संबंध में—जिसके तहत किशोर बालक बिना किसी मूर्त या प्रत्यक्ष सामग्री पर निर्भर रहे केवल शुद्ध तार्किक प्रस्तावों, परिकल्पनाओं (Hypotheses) और अमूर्त विचारों के आधार पर समस्याओं का समाधान करता है और वैज्ञानिक पद्धति से सोचता है, जिसे 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) कहा जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय तार्किक विश्लेषण, बौद्धिक स्वायत्तता और अमूर्त चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता—अर्थात 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी तर्क' (Combinatorial Logic)—तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, बहु-चरणीय समस्या-समाधान, और उच्च-स्तरीय बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषताओं—जैसे अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning), और काल्पनिक-निगमनात्मक समस्या-समाधान (Hypothetico-Deductive Reasoning)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में उच्च-स्तरीय तार्किक क्षमताओं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, और प्रतीकात्मक प्रणालियों के प्रभावी शिक्षण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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