विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
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मूक और बधिरीकृत या श्रवण बाधित बालकों के भाषा अर्जन एवं संप्रेषण के लिए उपयोग की जाने वाली 'द्विभाषावाद संप्रेषण पद्धति' (Bilingual-Bicultural Approach / Bi-Bi Approach) की अवधारणा—जिसके तहत बहरे बच्चों को उनकी प्राथमिक प्राकृतिक भाषा के रूप में 'सांकेतिक भाषा' (Sign Language) और द्वितीयक भाषा के रूप में उस देश या क्षेत्र की लिखित/मौखिक मौखिक भाषा दोनों को समान महत्व देकर उनके द्विभाषी और द्वि-सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय समावेशी शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक एकीकरण और वैचारिक संप्रेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
द्विभाषावाद-द्वि-सांस्कृतिक उपागम (Bi-Bi Approach) श्रवण बाधित बालकों के लिए एक अत्यंत वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से स्वीकृत पद्धति है। इसके तहत सांकेतिक भाषा (जो उनकी प्राकृतिक भाषा है) और मौखिक/लिखित भाषा दोनों का उपयोग किया जाता है। इससे बच्चों का संज्ञानात्मक विकास, आत्म-सम्मान और सामाजिक-सांस्कृतिक एकीकरण सहजता से होता है, जो समावेशी शिक्षा के उद्देश्यों को पूरी तरह पूरा करता है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children…
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'समावेशी शिक्षा और दृश्य-श्रव्य दिव्यांगता' के…
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'भाषा विकास और साइकोलिंग्विस्टिक्स के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन युन्त्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) की अवधारणा के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की व्याकरणिक प्रसंस्करण तथा अर्थबोध संबंधी सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के विकास संबंधी दृष्टिकोणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी संवर्धन और विद्यार्थियों में संप्रेषण दक्षता के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'भाषा विकास एवं वैचारिक संप्रभुता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच सिंटेक्टिक मैपिंग, ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण, और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के अंतर्संबंधों के सिद्धांतों के साथ उनके पारस्परिक तालमेल तथा आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित अभिव्यक्ति, भाषाई क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'भाषा अर्जन और संज्ञानात्मक विकास के बीच अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noom Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की आनुवंशिक रूप से निर्धारित वाक्य-संरचनात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा बेंजामिन ली व्होर्फ़ (Benjamin Lee Whorf) और एडवर्ड सेपिर (Edward Sapir) द्वारा प्रतिपादित 'भाषिक सापेक्षता परिकल्पना' (Linguistic Relativity Hypothesis / Sapir-Whorf Hypothesis) के अंतर्गत 'भाषा विचारों को निर्धारित करती है' के सशक्त संस्करण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी वातावरण (Multilingual Classroom) के प्रबंधन और विद्यार्थियों में स्वदेशी भाषा संप्रेषण एवं संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'भाषा विकास और विचार (Language Development and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' के अंतर्गत 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) और 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) और 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच भाषा प्रसंस्करण, ध्वन्यात्मक कूटलेखन (Phonological Decoding) और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंकेन्द्रित भाषण' (Egocentric Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, स्वनिर्देशक व्यवहार व वैचारिक आंतरिककरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा के संदर्भ में, बाल अधिकारों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भारतीय संविधान के प्रावधानों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है, जिसमें 'पीडब्ल्यूडी अधिनियम' (RPwD Act, 2016) के तहत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा भी शामिल है।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) ने 'विशेष आवश्यकता वाले बालकों' (CwSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' (Special Schools) को पूरी तरह से समाप्त करने और केवल सामान्य विद्यालयों में ही उनकी शिक्षा अनिवार्य करने की संस्तुति की है, ताकि पृथक्करण को बढ़ावा न मिले।
3. NEP 2020 में यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक विद्यालय में बाल-अनुकूल बुनियादी ढांचा, रिसोर्स रूम, विशेष शिक्षक और 'सक्षम' शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी जिससे कि बच्चों के सुगम अधिगम को सुनिश्चित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम (RCI Act, 1992) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारतीय पुनर्वास परिषद' (RCI) की स्थापना एक सांविधिक निकाय के रूप में दिव्यांगजन (PwD) के शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास कार्यक्रमों के मानकीकरण और विनियमन के लिए की गई थी।
2. NCF 2005 इस बात की वकालत करता है कि समावेशी शिक्षा कोई अलग पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामान्य विद्यालयों की उस प्रणाली का विस्तार है जो सभी बच्चों, चाहे वे शारीरिक रूप से अक्षम हों या सामाजिक रूप से वंचित, को एक साथ सीखने का अवसर प्रदान करती है।
3. NCF 2005 के अनुसार, विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CwSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना करना ही एकमात्र आदर्श विकल्प है, और सामान्य कक्षाओं में उनका समावेशन उनके अधिगम स्तर को गिरा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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'समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के कानूनी और शैक्षणिक प्रावधानों' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन बाल अधिकारों, नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) की धारा 3 और समावेशी कक्षा-कक्ष के आधुनिक pedagogical दृष्टियों के परिप्रेक्ष्य में सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'दृष्टिबाधित अधिगमकर्ताओं के समावेश और स्थानिक संज्ञान (Spatial Cognition) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, मस्तिष्क के 'दृश्य कॉर्टेक्स' (Visual Cortex) में होने वाली 'तंत्रिका प्लास्टिसिटी' (Neural Plasticity) और संवेदी प्रतिस्थापन (Sensory Substitution) की गतिकी, जिसके तहत ब्रेल लिपि (Braille Literacy) और स्पर्शनीय मानचित्रों के प्रसंस्करण के दौरान 'सोमेटोसेंसररी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex) और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobes) का सक्रियण होता है, तथा रीटा कार्टर (Rita Carter) और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान द्वारा प्रतिपादित 'मस्तिष्क के क्रॉस-मॉडल पुनर्गठन' (Cross-modal Plasticity) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पर्श-आधारित शिक्षण सामग्री (Tactile TLM) के डिजाइन और विद्यार्थियों में स्थानिक अभिविन्यास व स्वतंत्र गतिशीलता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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