अल्बर्ट बंडूरा
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,748 times
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति के भीतर किसी विशिष्ट परिस्थिति या कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमताओं के बारे में विश्वास या धारणा शामिल होती है, जो उसके लक्ष्य-निर्धारण, प्रयास की मात्रा और असफलताओं के सामने दृढ़ता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक लचीलेपन और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक संज्ञान और सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) व्यक्ति का अपनी उन क्षमताओं में विश्वास है जो विशिष्ट कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक होती हैं। उच्च आत्म-प्रभावकारिता वाले छात्र चुनौतीपूर्ण कार्यों से डरते नहीं हैं बल्कि उन्हें पार करने योग्य मानते हैं, अधिक प्रयास करते हैं, बाधाओं के सामने टिके रहते हैं और अपनी असफलताओं के कारणों को आंतरिक और नियंत्रणीय कारकों (जैसे कम प्रयास) से जोड़ते हैं, जो स्व-नियमित अधिगम के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अगला प्रश्न →
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning…
← पिछला प्रश्न
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम…
Related Questions
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-प्रभावकारिता या सेल्फ-एफिकेसी' (Self-Efficacy)—जिसे उस व्यक्ति की अपने स्वयं की क्षमताओं, कौशल और निर्णय लेने की शक्ति पर उस आंतरिक विश्वास और धारणा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो यह निर्धारित करती है कि वह किसी विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सफलता प्राप्त करने के लिए किस प्रकार अपने कार्यों और व्यवहार को नियोजित और निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, दृढ़ता (Perseverance) और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) - जिसे बाद में 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) कहा गया - के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की व्यक्ति की अपनी क्षमता में विश्वास का स्तर, उसके लक्ष्य निर्धारण, प्रयास, दृढ़ता और विफलता के प्रति प्रतिक्रिया को निर्धारित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा प्रबंधन, शैक्षणिक लचीलेपन, और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति का व्यवहार (Behavior), उसकी आंतरिक व्यक्तिगत और संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं (Person/Cognitive Factors), और उसका बाहरी पर्यावरणीय प्रभाव (Environment) एक-दूसरे को लगातार और त्रिपक्षीय (Triadic) रूप से प्रभावित करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), अवलोकनजन्य अधिगम और सकारात्मक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभाویता' (Self-Efficacy)—जिसके तहत किसी व्यक्ति का यह व्यक्तिगत विश्वास शामिल होता है कि वह विशिष्ट परिस्थितियों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने, किसी कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक क्रियाओं को सफलतापूर्वक आयोजित और निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक लचीलेपन और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory / Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति की अपनी क्षमताओं में यह आंतरिक विश्वास और धारणा शामिल होती है कि वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक क्रियाओं को निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा नियमन, शैक्षणिक दृढ़ता और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता या स्व-दक्षता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य या परिस्थिति में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति की अपनी क्षमताओं और कौशल पर उसका व्यक्तिगत विश्वास और आकलन शामिल होता है, जो उसके प्रयासों के स्तर, दृढ़ता और चुनौतियों के सामने उसकी सहनशीलता को प्रत्यक्ष रूप से निर्धारित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणादायक नियमन, लक्ष्य निर्धारण और शैक्षणिक निष्पत्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट परिस्थिति में अपने व्यवहार को सफलतापूर्वक निष्पादित करने और वांछित परिणाम प्राप्त करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास शामिल होता है, जो उसके प्रयास, दृढ़ता और चुनौतियों का सामना करने के दृष्टिकोण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक लचीलेपन और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य को सफलताપूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास उसके लक्ष्यों के निर्धारण, प्रयास के स्तर और विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता को प्रत्यक्ष रूप से संचालित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, संज्ञानात्मक पुनर्रचना और स्वनिर्देशित अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.