थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,247 times
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद के सिद्धांत' (Connectionism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) की अवधारणा—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब तंत्रिका तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है, तो कार्य करना संतोषजनक होता है और यदि वह तैयार नहीं है तथा उसे बलपूर्वक कार्य कराया जाता है, तो यह असंतोषजनक या कष्टप्रद होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक संरेखण, अधिगम की तत्परता और शैक्षणिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थॉर्नडाइक के संबंधवाद (Connectionism) के अंतर्गत 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) यह स्पष्ट करता है कि जब कोई तंत्रिका संबंध कार्य करने के लिए तैयार होता है, तो उसका क्रियान्वयन संतोषजनक होता है, जिससे अधिगम मजबूत होता है। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में इसका मनोवैज्ञानिक निहितार्थ यह है कि शिक्षक को बच्चों की मानसिक और विकासात्मक तत्परता को ध्यान में रखकर विषय-वस्तु प्रस्तुत करनी चाहिए, जिससे उनका 'मेंटल सेट' (Mental Set) अनुकूल बने और अधिगम सार्थक हो सके।
अगला प्रश्न →
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि…
← पिछला प्रश्न
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबधवाद या प्रयास…
Related Questions
→
'अधिगम व पठार (Plateau of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, आर्थर जर्सिल्ड (Arthur Jersild) और एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा विश्लेषित 'अधिगम में पठार' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'मस्तिष्क स्टेम की रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम (RAS)' के बीच सिनैप्टिक संतृप्ति (Synaptic Saturation), प्रेरणा में कमी, और पुरानी गलत रणनीतियों के स्थिरीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'अभ्यास और मानसिक थकान के सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, वैराइटी-इंटीग्रेटेड डायनेमिक पेडागोजी (Variety-Integrated Dynamic Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठार तोड़ने, संज्ञानात्मक जड़ता को दूर करने व समग्र अधिगम गतिशीलता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों में से एडवर्ड थार्नडाइक और रॉबर्ट वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान अवयवों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, एक परिस्थिति में अर्जित ज्ञान या कौशल का दूसरी परिस्थिति में स्थानांतरण किस स्थिति में सर्वाधिक प्रभावशाली ढंग से होता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट मनोविज्ञान' (Gestalt Psychology) के मूल दर्शन तथा अधिगम के क्षेत्र में इसके अनुप्रयोग का गहन विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत से यह किस मौलिक बिंदु पर भिन्न है और इसका शैक्षणिक निहितार्थ क्या है?
→
ई.एल. थार्नडाइक (E.L. Thorndike) के संबंधवाद (Connectionism) के अंतर्गत प्रदत्त 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा इवान पावलव (Ivan Pavlov) के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) एवं बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण प्रतिमान का गहन तुलनात्मक अध्ययन करने पर, थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) और स्किनर के 'सकारात्मक एवं नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Reinforcement) की संकल्पना के मध्य निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे तात्विक और वैज्ञानिक अंतर स्पष्ट होता है?
→
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Neural Pathways) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है, तो कार्य करना संतोषजनक होता है और यदि स्नायु तंत्र तैयार नहीं होता है, तो कार्य करना कष्टदायक या असंतोषजनक होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मानसिक तैयारी, प्रेरणा के अनुकूलन और अधिगम पठार (Plateau of Learning) को दूर करने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो उसे संतोष मिलता है तथा जब वह तैयार नहीं होता और उसे जबरन कार्य कराया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक तत्परता और अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) की अवधारणा—जिसके तहत संतोषजनक परिणामों या पुरस्कारों से अनुक्रिया और उद्दीपक के बीच का संबंध मजबूत होता है, जबकि असंतोषजनक या कष्टदायक परिणामों से वह संबंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुदृढ़ीकरण, संतोषजनक अधिगम पथ और सकारात्मक पुनर्बलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) की अवधारणा—जिसके तहत यदि तंत्रिका तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे कार्य करने दिया जाता है, तो व्यक्ति को संतोष या आनंद मिलता है जिससे अधिगम मजबूत होता है, इसके विपरीत यदि तैयार होने पर कार्य न करने दिया जाए या बिना तैयार हुए जबरन कार्य कराया जाए, तो झुंझलाहट या असंतोष उत्पन्न होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूलित मानसिक विन्यास, सहज ज्ञानार्जन और अधिगम की प्रभावशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.