क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी अवांछनीय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित सकारात्मक व्यवहार या अनुक्रिया की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव प्रबंधन और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षण शास्त्र के दृष्टिकोण से बी. एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' बेहद महत्वपूर्ण है। नकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Negative Reinforcement) और सजा (Punishment) में अक्सर भ्रम होता है। नकारात्मक सुदृढ़ीकरण का उद्देश्य किसी वांछित व्यवहार की आवृत्ति (Frequency) को बढ़ाना है, जो किसी प्रतिकूल या कष्टदायक उद्दीपक (जैसे- शिक्षक द्वारा लगातार डांटना या कक्षा का असहज माहौल) को हटाकर प्राप्त किया जाता है। इसके विपरीत, सजा का उद्देश्य अवांछित व्यवहार को कम करना होता है। विकल्प (c) वैज्ञानिक रूप से सबसे सटीक है क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि नकारात्मक सुदृढ़ीकरण राहत प्रदान करके सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करता है, न कि उसे दबाता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और 'अवलोकनयात्मक अधिगम' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंडूरा के अनुसार अधिगम केवल प्रत्यक्ष रूप से पुरस्कार या दंड प्राप्त करने (क्रियाप्रसूत अनुबंधन) से ही नहीं होता, बल्कि बालक अपने सामाजिक परिवेश में अन्य व्यक्तियों (रोल मॉडल) के व्यवहार का अवलोकन करके, उनका अनुकरण (Imitation) करके भी सीखता है, जिसे उन्होंने 'प्रेक्षणात्मक अधिगम' (Observational Learning) कहा है।
2. बंडूरा के अवलोकनयात्मक अधिगम की प्रक्रिया में चार प्रमुख उप-चरण या घटक क्रमानुसार शामिल होते हैं—अवधारण (Attention), स्मरण या धारण (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction), और अभिप्रेरण या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
3. बंडूरा द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'बोबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) में यह स्पष्ट किया गया कि आक्रामकता जन्मजात होती है और इस पर पर्यावरणीय घटकों या मीडिया में दिखाए जाने वाले हिंसक व्यवहारों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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'अभिप्रेरणा और सुदृढीकरण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'शारीरिक आवश्यकताओं' से लेकर 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) तक के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) और 'वेंट्रेल टेंटमेंटल एरिया' (Ventral Tegmental Area - VTA) की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) और डोपामिनर्जिक पुरस्कार मार्गों (Dopaminergic Reward Pathways) की सक्रियण गतिकी, तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढीकरण और दंड के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक शिक्षण वातावरण और विद्यार्थियों में दीर्घावधि अधिगम अभिप्रेरणा के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आंशिक पुनर्बलन या पार्शियल रिइंफोर्समेंट' (Partial / Intermittent Reinforcement)—जिसे उस अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी वांछित व्यवहार या अनुक्रिया के बाद हर बार (Continuous) के बजाय केवल कुछ चुनिंदा या अनिश्चित अवसरों पर ही पुनर्बलन (जैसे पुरस्कार या प्रशंसा) प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थायी ज्ञान निर्माण, प्रेरणा के दीर्घकालिक स्थायित्व और विलोपन (Extinction) के प्रतिरोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट वांछित व्यवहार या अनुक्रिया के तुरंत पश्चात किसी सुखद, अनुकूल या प्रोत्साहनपरक उद्दीपक (जैसे- प्रशंसा, पुरस्कार या प्रोत्साहन) को प्रस्तुत करने से भविष्य में उस व्यवहार या अनुक्रिया की पुनरावृत्ति की आवृत्ति और संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुशासित आचरण, सृजनात्मक सहभागिता और सतत अधिगम अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी शिक्षण तकनीक—'व्यवहार रूपांतरण में टोकन इकोनॉमी' (Token Economy)—जिसके तहत वांछित और सकारात्मक सामाजिक-शैक्षणिक व्यवहारों को प्रदर्शित करने पर विद्यार्थियों को प्रतीकों या टोकन (जैसे अंक, सितारे, या कूपन) प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें बाद में उनकी पसंद के मूर्त या अमूर्त प्रबलकों (Reinforcers) के साथ विनिमय किया जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बाह्य अभिप्रेरण, अनुशासित आचरण और सुदृढ़ीकरण अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—'शेपिंग या आकृति-आरोपण' (Shaping)—जिसे वांछित अंतिम जटिल व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण प्रदान करके धीरे-धीरे स्थापित करने की एक विधिवत तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और क्रमिक संज्ञानात्मक प्रगति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अंशकालिक या आंतरायिक सुदृढीकरण अनुसूचियां' (Intermittent / Partial Reinforcement Schedules) की अवधारणा—जिसके तहत प्रत्येक सही अनुक्रिया पर पुरस्कार देने के बजाय एक निश्चित या अनिश्चित समय अंतराल (Interval) या अनुक्रियाओं की संख्या (Ratio) के बाद सुदृढीकरण प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम स्थायित्व, विलुप्तिकरण (Extinction) के प्रतिरोध और दीर्घकालिक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतिकूलक या नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) की अवधारणा—जिसके तहत किसी अप्रिय, कष्टदायक या अवांछित उद्दीपक को हटाकर (Removing an aversive stimulus) या उसके प्रभाव को रोककर किसी वांछित सकारात्मक व्यवहार, अनुक्रिया या कार्यकुशलता की संभावना या आवृत्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनावमुक्ति और कार्यात्मक निष्पादन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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