स्मृति एवं विस्मृति
Asked 3 महीने पहले · Viewed 3,673 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शिक्षण पद्धति—'स्पाइरल पाठ्यक्रम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक अभिकल्पना के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बुनियादी और जटिल विचारों को बार-बार (चक्राकार रूप में) कम उम्र से लेकर उच्च स्तर तक पढ़ाया जाता है, और प्रत्येक पुनरावृत्ति के साथ ज्ञान का दायरा और जटिलता का स्तर क्रमिक रूप से बढ़ता जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के समेकन, दीर्घकालिक स्मृति (Long-term Memory) और अमूर्त संरचनाओं के क्रमिक आंतरिककरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) का 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) इस प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथन पर आधारित है कि 'किसी भी विषय को किसी भी विकासात्मक अवस्था में बौद्धिक रूप से सही ढंग से सिखाया जा सकता है।' ब्रूनर के अनुसार, ज्ञान को पुनरावृत्ति के माध्यम से सरल से जटिल की ओर क्रमिक रूप से विकसित किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी की बढ़ती संज्ञानात्मक क्षमताओं के साथ अधिगम का स्तर भी गहरा हो सके। यह दृष्टिकोण संज्ञानात्मक संरचना (Schema) के विकास, अंतर्ज्ञान (Intuition) और पूर्व-ज्ञान के साथ नए ज्ञान के सक्रिय एकीकरण पर बल देता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
अगला प्रश्न →
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव-विविधता क्षेत्रों के…
← पिछला प्रश्न
रिचर्ड आत्मक (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard…
Related Questions
→
'अधिगम पठार' (Plateau of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी (Gary) और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'स्ट्रिएटम' (Striatum), और 'संवेदी-प्रेरक नेटवर्क' (Sensorimotor Network) के बीच सिनेप्टिक अतिभार (Synaptic Overload), डोपामिनर्जिक मार्ग की संवेदनशीलता में कमी, और स्वचालितता (Automaticity) व संज्ञानात्मक लचीलेपन के बीच गतिरोध की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस (Luhse) के 'अधिगम वक्र' (Learning Curve) के पठार बिंदु के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियों (Cognitive Rest Strategies), परिवर्तनशील शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बालक' (Inclusive Education and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (Attention Deficit Hyperactivity Disorder - ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोसियाटाल सर्किट' (Fronto-striatal Circuit) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Functioning) की शिथिलता, नॉरएपिग्नेफ्राइन व डोपामिनर्जिक डिस्फंक्शन, तथा मोटर और संज्ञानात्मक आवेग नियंत्रण की विफलता के अंतर्संबंधों, तथा पॉल आर. ब्रेंडन (Paul R. Breندن) और थॉमस ई. ब्राउन (Thomas E. Brown) के कार्यकारी नियंत्रण मॉडल के साथ उनके समन्वय के आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित ध्यान (Self-regulated Attention), कार्य-स्मृति (Working Memory) के संवर्धन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय-वस्तु या जटिल अवधारणा को बालक की प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत सरल, मूर्त और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे विद्यार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर में वृद्धि होती जाती है, उसी विषय को क्रमिक रूप से अधिक गहराई, अमूर्तता और जटिलता के साथ बार-बार पुनरावृत्ति और विस्तार के माध्यम से पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान, संरचनात्मक बोध और दीर्घकालिक स्मृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हर्बिंग एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अंतर्गत अधिगम के तुरंत बाद होने वाले तीव्र क्षरण और मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) द्वारा अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचनाओं के समेकन (Consolidation) की प्रक्रिया, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) के अंतर्गत 'संवेदी रजिस्टर' (Sensory Register), 'कार्यकारी स्मृति' (Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'अंतराल अनुदेशन' (Spaced Repetition) के अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में ज्ञान के पुनरुत्पादन व दीर्घकालिक धारण (Retention) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
ब्रह्माण्ड, सौर मंडल की संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) एक सर्पिल (Spiral) आकार की गैलेक्सी है, जिसके केंद्र में स्थित अति-विशाल ब्लैक होल को 'धनु ए*' (Sagittarius A*) कहा जाता है, तथा सौर मंडल को इस गैलेक्सी का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 225 से 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है, जिसे 'ब्रह्माण्ड वर्ष' (Cosmic Year) कहते हैं।
2. 'काइटो' या 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले और धूमकेतु नुमा पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'वेस्टा' (Vesta) है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा आधिकारिक रूप से बौना ग्रह घोषित किया गया है।
4. सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत को 'कोरोना' (Corona) कहा जाता है, जो केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तथा सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है जिसमें हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम का एक नाभिक बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
सौर मंडल और ब्रह्माण्ड की संरचना तथा खगोलीय पिंडों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हमारे सौर मंडल का अधिकांश द्रव्यमान और कोणीय संवेग सूर्य में निहित है, और सूर्य के भीतर ऊर्जा का उत्पादन मुख्य रूप से 'प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला' (Proton-Proton Chain) नाभिकीय संलयन अभिक्रिया के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम के एक नाभिक का निर्माण करते हैं।
2. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, जहाँ 'सीरेस' (Ceres) सबसे बड़ा बोना ग्रह (Dwarf Planet) है, तथा यह बेल्ट गुरु ग्रह के शक्तिशाली ज्वारीय बलों के कारण एक बड़े ग्रह के रूप में समेकित होने से वंचित रह गई।
3. ओर्ट क्लाउड (Oort Cloud), जो सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का मुख्य उद्गम स्थल माना जाता है, और यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित है।
4. हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के डेटा के अनुसार, ब्रह्माण्ड का विस्तार (Expansion of the Universe) स्थिर गति से हो रहा है, जिसका मुख्य कारण 'डार्क मैटर' (Dark Matter) का आकर्षक बल है, जो आकाशगंगाओं को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठक' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, अधिक समावेशी और अमूर्त वैचारिक ढांचा (Concept Framework) विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है, ताकि वे अपने पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए ज्ञान का तार्किक और सार्थक समावेश (Subsumption) कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, दीर्घकालिक ज्ञान संधारण (Retention) और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और मूर्त रूपरेखा या परिचयात्मक सामग्री विद्यार्थियों के सामने रखी जाती है, जिससे शिक्षार्थी अपने पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को संज्ञानात्मक रूप से जोड़ सकें (Cognitive Anchoring)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, अवधारणात्मक स्पष्टता और दीर्घकालिक स्मरण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.