बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा सिद्धांत' (Progressive Education Theory) और 'अनुभवात्मक अधिगम' के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शैक्षणिक उपागम के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ छात्र केवल निष्क्रिय श्रोता के रूप में ज्ञान ग्रहण नहीं करते, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं और हस्तपरक गतिविधियों (Hands-on Activities) में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर वैज्ञानिक पद्धति (Scientific Method) और समस्या-समाधान के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), प्रायोगिक ज्ञान और प्रजातांत्रिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन डीवी का 'करके सीखना' (Learning by Doing) प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) की रीढ़ है। यह सिद्धांत रचनावाद (Constructivism) के बहुत निकट है और यह मानता है कि छात्र अपने अनुभवों के माध्यम से सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण करते हैं। कक्षा में प्रायोगिक कार्य, हस्तपरक गतिविधियाँ और समस्या-समाधान के अवसर देने से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक समझ का विकास होता है। अतः विकल्प (c) मनोवैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक प्रामाणिक और सही है।
अगला प्रश्न →
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक…
Related Questions
→
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे इस विचार के रूप में परिभाषित किया जाता है कि शिक्षा केवल निष्क्रिय रूप से ज्ञान को ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वास्तविक अनुभवों, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और सक्रिय सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में 'गणितीयकरण' (Mathematization) की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में RTE Act 2009 की धारा 29 के प्रावधानों के साथ मिलकर निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण पद्धति इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत तथा लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बच्चों के ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'पियाजे के आत्मसातीकरण-समायोजन' (Assimilation-Accommodation) के संज्ञानात्मक प्रतिमान तथा 'वाइगोत्स्की के मचान' (Scaffolding) एवं 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के सामाजिक ढांचे का एक एकीकृत उपयोग करता है, तो बच्चों के अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा विद्यालयों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने' और 'रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) से मुक्ति' दिलाने के वैचारिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) की अवधारणा के अंतर्गत, निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) के दार्शनिक जॉन ड्यूई (John Dewey) के विचारों के सबसे अधिक अनुकूल है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य बालकों के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को एक ही छत के नीचे बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिसके लिए 'भेदभाव रहित वातावरण' और 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum) का होना अनिवार्य है।
2. 'निशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के अंतर्गत विकलांगता के प्रकारों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, तथा इसमें शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए न्यूनतम आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
3. जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं के लिए अनुपयुक्त है, क्योंकि यह केवल प्रतिभाशाली बालकों के मानसिक विकास पर ही बल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing / Reflective Thinking)**—जिसे उस सक्रिय और समस्या-समाधान आधारित मानसिक व शारीरिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, व्यावहारिक अनुभवों और वैज्ञानिक अन्वेषण के माध्यम से ज्ञान का सक्रिय निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, प्रायोगिक समझ और प्रजातांत्रिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.