अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)
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'उत्तर प्रदेश की भूगोल एवं पर्यावरण' के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले 'उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन' (Tropical Deciduous Forests) और 'कंटीली झाड़ियों एवं शुष्क वन क्षेत्रों' (Thorn Forests and Scrublands) के पारिस्थितिकीय वितरण, प्रमुख वृक्ष प्रजातियों (जैसे साल, सागौन, महुआ, शीशम, और बबूल), तथा उत्तर प्रदेश के तराई, भाबर और दक्षिण के पठारी क्षेत्रों में जलवायु और मृदा के अंतर्संबंधों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के वन आवरण और पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने पर स्पष्ट होता है कि यहाँ की भौगोलिक स्थिति, वर्षा की मात्रा और उच्चावच के आधार पर वनों को मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती, शुष्क पर्णपाती और कटीले वनों में विभाजित किया गया है। तराई एवं भाबर क्षेत्रों में अधिक वर्षा के कारण साल, सागौन और सखुआ के घने आर्द्र पर्णपाती वन मिलते हैं। मध्य और पूर्वी मैदानी भागों में शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं जो ग्रीष्म ऋतु में जल संरक्षण के लिए पत्तियां गिरा देते हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी अर्ध-शुष्क तथा बुंदेलखंड क्षेत्रों (जैसे ललितपुर, झांसी, महोबा) में कम वर्षा के कारण कंटीले वन और झाड़ियां पाई जाती हैं। अतः दिए गए सभी कथन वैज्ञानिक और पारिस्थितिकीय दृष्टि से पूर्णतः सत्य हैं।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramids)…
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण'…
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की कृषि, बागवानी और उनके विशिष्ट उत्पादन क्षेत्रों (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित 'महर्षि वशिष्ठ स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय' के निकट कृषि विभाग द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने हेतु भारत-इजराइल तकनीकी सहयोग से 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल' (सब्जी हेतु उत्कृष्टता केंद्र) की स्थापना की गई है।
2. 'लखनऊ' जिला आम उत्पादन और 'अमरूद' की वी.एन.आर. प्रजाति के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ भारत-इजराइल सहयोग से ही 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट्स' (आम एवं फल) बस्ती के बजाय मलिहाबाद, लखनऊ में स्थापित किया गया है।
3. उत्तर प्रदेश में कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए कुल तीन प्रमुख कृषि-पारिस्थितिकीय क्षेत्र (Agro-ecological Zones) हैं, जबकि राज्य को कृषि-जलवायु क्षेत्रों के आधार पर नौ (9) भागों में बांटा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उस नग्न क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवित समुदाय मौजूद नहीं था, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें या ठंडा हुआ ग्लेशियर, और इसमें 'पायनियर समुदाय' (Pioneer Community) के रूप में प्रायः लाइकेन या मॉस का विकास होता है।
2. जलारंभी अनुक्रमण (Hydrarch Succession) जल निकायों से शुरू होकर नम क्षेत्रों से गुजरते हुए अंततः एक शुष्क या मध्यम (Mesic) वन समुदाय में परिवर्तित हो जाता है, जिसमें जलकुंभी, रीड-स्वैम्प और दलदली अवस्थाएँ क्रमशः आती हैं।
3. फॉस्फोरस चक्र एक प्रकार का गैसीय जैव भू-रासायनिक चक्र है, जिसमें फॉस्फोरस का मुख्य भंडार वायुमंडल होता है और यह चक्र वायुमंडलीय निक्षेपण के माध्यम से संचालित होता है।
4. 'ओडम' (Odum) के अनुसार पारिस्थितिकीय अनुक्रमण एक दिशात्मक प्रक्रिया है जो समुदाय के जैवभार और जातियों की विविधता में क्रमिक वृद्धि के साथ अंततः एक परिपक्व और स्थिर 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) पर समाप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots - नॉर्मन मेयर्स द्वारा प्रतिपादित अवधारणा) की पहचान के लिए आवश्यक मानदंडों (जैसे न्यूनतम 1.5 व्यापक स्थानिक पैमाने पर स्थानिक प्रजातियों की उच्च स्थानिक बहुलता (Endemism) और कम से कम 70% प्राथमिक आवास का क्षरण) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - पारिस्थितिकीय नीति-निर्माण और दीर्घकालिक योजना), 'Ventral Striatum' (पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय समरूपता का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मेसोसिस्टम या मध्य-प्रणाली' (Mesosystem)—जिसे उस अंतर्संबंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जो विकासशील बच्चे के विभिन्न सूक्ष्म-तंत्रों (Microsystems, जैसे—परिवार, विद्यालय, साथियों का समूह और पड़ोस) के बीच आपसी अंतःक्रिया और संप्रेषण के माध्यम से बनता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक समायोजन और शैक्षणिक समन्वय के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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ब्रॉन्फ्रेनब्रेनर के पारिस्थितिकी तंत्र सिद्धांत (Bronfenbrenner's Ecological Systems Theory) के अनुसार, माता-पिता के कार्यस्थल का अनुभव या उनके सहकर्मियों की नीतियाँ जो अप्रत्यक्ष रूप से बच्चे के विकास को प्रभावित करती हैं, वे किस पारिस्थितिक मंडल के अंतर्गत आती हैं?
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उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मसोसिस्टम या मध्यतंत्र' (Mesosystem)—जिसे उस अंतर्संबंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जो विकासशील बच्चे के विभिन्न सूक्ष्मतंत्रों (Microsystems) यानी उसके जीवन के प्रमुख परिवेशों (जैसे परिवार, विद्यालय, सहकर्मी समूह और पड़ोस) के बीच आपसी अंतःक्रिया और संप्रेषण के माध्यम से स्थापित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सहयोगात्मक अधिगम और पारिवारिक-विद्यालयी समन्वय के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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