अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय पिरामिड' (Ecological Pyramids) की संकल्पना और उनके प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चार्ल्स एलटन (Charles Elton) द्वारा प्रतिपादित 'एलटोनियन पिरामिड' के अनुसार, पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न पोषण स्तरों (Trophic Levels) के जीवों की संख्या, जैवभार (Biomass) या ऊर्जा को एकरेखीय रूप से प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें सामान्यतः ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा (Upright) होता है।
- 2. किसी तालाब या जलीय पारिस्थितिक तंत्र में 'जैवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सदैव उल्टा (Inverted) बनता है, क्योंकि वहाँ उत्पादकों (फाइटोप्लांकटन) का कुल जैवभार उच्च पोषक स्तर पर स्थित उपभोक्ताओं (बड़ी मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।
- 3. 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) एक बड़े वृक्ष आधारित पारिस्थितिक तंत्र में हमेशा सीधा होता है, जहाँ एक ही बड़े उत्पादक वृक्ष पर अनेक शाकाहारी पक्षी और उन पर हज़ारों परजीवी जीव निर्भर रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् चार्ल्स एलटन ने 1927 में पारिस्थितिकीय पिरामिड की अवधारणा दी थी। ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा होता है क्योंकि लिंडमैन के 10% नियम के अनुसार प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर ऊर्जा का ह्रास होता जाता है। कथन 2 सही है: जलीय पारिस्थितिक तंत्र (तालाब) में जैवभार का पिरामिड उल्टा होता है क्योंकि छोटे पादपप्लवक (Phytoplankton) का भार उच्च श्रेणी की मछलियों के भार से कम होता है। कथन 3 गलत है: वृक्ष आधारित पारिस्थितिक तंत्र (परजीवी खाद्य श्रृंखला) में 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) होता है, न कि सीधा, क्योंकि एक वृक्ष (उत्पादक) पर कई पक्षी और उन पर अनगिनत परजीवी आश्रित होते हैं, जिससे नीचे से ऊपर जाने पर संख्या बढ़ती जाती है।
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उस नग्न क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवित समुदाय मौजूद नहीं था, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें या ठंडा हुआ ग्लेशियर, और इसमें 'पायनियर समुदाय' (Pioneer Community) के रूप में प्रायः लाइकेन या मॉस का विकास होता है।
2. जलारंभी अनुक्रमण (Hydrarch Succession) जल निकायों से शुरू होकर नम क्षेत्रों से गुजरते हुए अंततः एक शुष्क या मध्यम (Mesic) वन समुदाय में परिवर्तित हो जाता है, जिसमें जलकुंभी, रीड-स्वैम्प और दलदली अवस्थाएँ क्रमशः आती हैं।
3. फॉस्फोरस चक्र एक प्रकार का गैसीय जैव भू-रासायनिक चक्र है, जिसमें फॉस्फोरस का मुख्य भंडार वायुमंडल होता है और यह चक्र वायुमंडलीय निक्षेपण के माध्यम से संचालित होता है।
4. 'ओडम' (Odum) के अनुसार पारिस्थितिकीय अनुक्रमण एक दिशात्मक प्रक्रिया है जो समुदाय के जैवभार और जातियों की विविधता में क्रमिक वृद्धि के साथ अंततः एक परिपक्व और स्थिर 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) पर समाप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पारिस्थितिकीय पिरामिड (Ecological Pyramids) और उनके विभिन्न प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकीय पिरामिड की अवधारणा का प्रतिपादन सबसे पहले चार्ल्स एल्टन (Charles Elton) ने किया था, जिन्हें 'एल्टोनियन पिरामिड' के नाम से भी जाना जाता है, जो विभिन्न पोषण स्तरों (Trophic Levels) पर जीवों की संख्या, जैवभार या ऊर्जा के संबंधों को रेखांकित करते हैं।
2. एक सामान्य स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) सदैव सीधा (Upright) होता है, क्योंकि इसमें उत्पादकों (पेड़-पौधों) की संख्या शाकाहारी और मांसाहारी जीवों की तुलना में अत्यधिक अधिक होती है।
3. इसके विपरीत, एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो जाता है, क्योंकि एक विशाल वृक्ष (उत्पादक) पर आश्रित पक्षियों (शाकाहारी) और उन पर पलने वाले परजीवियों (परजीवी पोषण स्तर) की संख्या क्रमिक रूप से बढ़ती जाती है।
4. 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में सर्वदा और अनिवार्य रूप से सीधा ही होता है, जो लिंडमैन के 10 प्रतिशत नियम (10% Law) का पालन करता है, जिसके तहत एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'प्राथमिक अनुक्रमण' (Primary Succession - नग्न चट्टानों या नए रेत के टीलों पर जीवन की शुरुआत और पायोनीयर कम्युनिटी का विकास) के लिए आवश्यक चरणों (जैसे चट्टानों का अपक्षय, लाइकेन और मॉस का प्रकटन, मृदा का निर्माण और क्रमिक प्रजातियों का प्रतिस्थापन) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - दीर्घकालिक पारिस्थितिकीय योजना और पर्यावरण प्रबंधन), 'Ventral Striatum' (दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय गतिकी का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots - नॉर्मन मेयर्स द्वारा प्रतिपादित अवधारणा) की पहचान के लिए आवश्यक मानदंडों (जैसे न्यूनतम 1.5 व्यापक स्थानिक पैमाने पर स्थानिक प्रजातियों की उच्च स्थानिक बहुलता (Endemism) और कम से कम 70% प्राथमिक आवास का क्षरण) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - पारिस्थितिकीय नीति-निर्माण और दीर्घकालिक योजना), 'Ventral Striatum' (पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय समरूपता का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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