जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' की अवधि क्या है?
जीन पियाजे के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7 से 11 वर्ष की आयु तक होती है जिसमें बच्चा तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देता है।
लेव वाइगोत्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
लेव वाइगोत्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में समाज, संस्कृति और भाषा की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्कूली शिक्षा की नई शैक्षिक संरचना क्या है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत वर्तमान 10+2 प्रणाली को एक नई पाठ्यचर्या और शैक्षणिक संरचना में बदल दिया गया है, जो 5+3+3+4 प्रारूप पर आधारित है। यह 3 से 18 वर्ष...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' और 'निगमनात्मक तर्क' की योग्यता किस अवस्था में विकसित होती है?
जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बच्चों में अमूर्त चिंतन और निगमनात्मक तर्क करने की क्षमता विकसित हो जाती है।
समावेशी शिक्षा में मुख्य रूप से किस पर बल दिया जाता है?
समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों को एक साथ सामान्य विद्यालयी परिवेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्य रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन और वास्तविक अ...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्कूली शिक्षा का नया ढांचा क्या है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत वर्तमान 10+2 प्रणाली को एक नई 5+3+3+4 पाठ्यचर्या संरचना द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है, जो 3 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कवर क...
जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं पर तार्किक चिंतन करना प्रारंभ करता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक मूर्त वस्तुओं और घटनाओं के बारे में तार्किक रूप से सोचना शु...
जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था को 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' कहा जाता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7 वर्ष से 11 वर्ष की आयु तक होती है, जिसमें बच्चा तार्किक रूप से सोचने लगता है।
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास नैतिक विकास के किस स्तर से संबंधित है?
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Stage 3) पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आता है, जिसमें बालक दूसरों की नजर में...