बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) — प्रश्न, व्याख्या और मॉक टेस्ट
विकास के सिद्धांत, अधिगम, बुद्धि-व्यक्तित्व, समावेशी शिक्षा, शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन और भाषा/विषय शिक्षणशास्त्र — हर विषय के मुफ़्त MCQ अभ्यास करें।
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्यालय प्रबंधन समिति का सिद्धांत नहीं है?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: विद्यालय प्रबंधन समिति (School Management Committee - SMC) का गठन शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) की धारा 21 के तहत स्कूलों के प्रभ...
'सृजनात्मकता एवं समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप…
Read more →कौन-सी एक अच्छे कार्य की विशेषता नहीं है?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) और रचनावादी शिक्षण दृष्टिकोण के अनुसार, एक अच्छे और प्रभावी कार्य (Task) की विशेषता यह है कि वह शिक्षार्थि...
कार्ल रोजर्स का मानना था कि स्व-अवधारणा 3 अलग-अलग हिस्सों से बना है। गलत प्रकार के भाग की पहचान करें।
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: मानਵवादी मनोवैज्ञानिक कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के अनुसार, व्यक्ति की स्व-अवधारणा (Self-concept) मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण घटकों से मिलकर...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' की अवस्था कौन सी है?
जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक में अमूर्त चिंतन और तार्किक रूप से सोचने की क्षमता विकसित हो जाती है।
जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों को समझने में सक्षम हो जाते हैं?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों (जैसे आकार, वजन) को समझने में सक्षम हो जाते हैं।