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डेविड कोल्ब (David Kolb) के अनुभवात्मक अधिगम चक्र (Experiential Learning Cycle) के अनुसार, अधिगम शैलियाँ दो प्रमुख अक्षों—'अनुभव को कैसे ग्रहण किया जाता है' (ठोस अनुभव बनाम अमूर्त संकल्पना) और 'अनुभव को कैसे रूपांतरित कि...
सी. एल. हल ने 1915 (प्रारंभिक कार्य) में प्रबलन सिद्धांत पर काम किया।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में कथन 1 असत्य है क्योंकि CCE केवल संज्ञानात्मक पक्षों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के सह-शैक्षणिक पक्षों, कौशलों, आदतों और पर्याव...
B. F. स्किनर ने 1938 में यह सिद्धांत दिया।
पावलाव ने 1904 में अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत दिया।
विल्हेल्म वुन्ट और उनके शिष्य एडवर्ड बी. टिचनर को संरचनावाद साम्प्रदाय का जनक माना जाता है।
विलियम स्टर्न ने सबसे पहले बुद्धिलब्धि ज्ञात करने का सूत्र दिया था, जिसे बाद में टर्मन ने संशोधित किया।
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) अमूर्त चिंतन, परिकल्पना-आधारित निगमन और तार्किक तर्क की विशेषता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, यह अवस्था मस...
कार्ल जुंग ने अपने प्रसिद्ध व्यक्तित्व सिद्धांत में व्यक्तियों को उनकी ऊर्जा के प्रवाह (अंतर्मुखता और बहिर्मुखता) के साथ-साथ चार मूल मनोवैज्ञानिक कार्यों (सोच, भावना, संवेदना और अंतर्ज्ञान) के संयोजन के आधार पर वर्गीकृत...
बुद्धि इकाई का सिद्धांत स्टर्न एवं जॉनसन द्वारा दिया गया था।
प्रगतिशील शिक्षा और बाल-केंद्रित शिक्षा का मुख्य आधार यह है कि बच्चा एक निष्क्रिय श्रोता न होकर ज्ञान का सक्रिय निर्माता (Active Constructor of Knowledge) है। अमेरिकी दार्शनिक और शिक्षाशास्त्री जॉन डीवी ने इस बात पर जोर...
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षकों या विद्यालय के प्रशासकों द्वारा अपनी कार्यप्रणाली और कक्षा-कक्षीय शिक्षण विधियों में सुधार लाने के लिए किया जाने वाला एक व्यावहारिक अनुसंधान है। इसके चक्र में सामान्यतः योजन...
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों के मट्रिक्स या घन के रूप में व्यवस्थित किया गया है: संक्रियाएँ (5 प्रकार), अंत...
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में आकलन को एक सतत और बहुआयामी प्रक्रिया माना जाता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) सीखने के दौरान निरंतर फीडबैक और सुधार के लिए होता है, निदाना...
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित बुद्धि का बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory) यह मानता है कि बुद्धि किसी एक सामान्य योग्यता का नाम नहीं है, बल्कि यह अनेक स्वतंत्र और पृथक मानसिक योग्यताओं या कार...
रबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) ने 1985 में बुद्धि का 'त्रि-चापीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) प्रतिपादित किया था। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि के तीन उप-सिद्धांत हैं: घटकिया या विश्लेषणात्मक बुद्धि (...
गोर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) ने व्यक्तित्व के शीलगुण सिद्धांत में शीलगुणों को व्यक्तिगत (Personal) और सामान्य (Common) श्रेणियों में बांटा तथा व्यक्तिगत शीलगुणों को कार्डिनल, केंद्रीय और गौण में वर्गीकृत किया। इसके वि...
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित बुद्धि का त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) यह बताता है कि बौद्धिक क्षमताएँ तीन स्वतंत्र आयामों के अंतःक्रिया का परिणाम हैं: संक्रियाएँ (Operations - 5 प...
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) इस मान्यता पर आधारित है कि शिक्षा केवल भविष्य के जीवन की तैयारी नहीं है, बल्कि यह स्वयं जीवन है। जॉन ड्यूई (John Dewey) के अनुसार, विद्यालय को एक ऐसा समुदाय होना चाहिए जो समाज के...