जीन पियाजे — MCQ प्रश्न, व्याख्या एवं मॉक टेस्ट
Clear filterसंज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ — संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त, औपचारिक।
🎯 51 Mock Tests Kheleinजीन पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बालक 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) व्यवहार प्रदर्शित करता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बच्चा यह मानने में असमर्थ होता है कि दूसरे का नजरिया उसके नजरिए से अलग हो सकता है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक विशेषता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तु का आकार या रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान स्थिर रहता है (संरक्षण)।
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का प्रमुख लक्षण क्या है?
इस अवस्था में किशोर परिकल्पनाएं बनाने और उनका तार्किक परीक्षण करने में सक्षम हो जाते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) वाक किस अवस्था में पाया जाता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बालक स्वयं से बातें करता है क्योंकि वह दूसरों के दृष्टिकोण को नहीं समझ पाता, इसे 'अहंकेन्द्रित' वाक कहते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'संवेदी-पेशीय अवस्था' (Sensory-Motor Stage) की मुख्य उपलब्धि क्या है?
संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) में शिशु में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण विकसित होता है।
पियाजे के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा किस अवस्था में विकसित होती है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक यह समझने लगता है कि किसी वस्तु के रूप या आकार बदलने से उसकी मात्रा में परिवर्तन नहीं होता, इसे ही संरक्षण (Conservation) कह...