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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वर्णमाला' और 'ध्वनियों के वर्गीकरण' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिंदी वर्णमाला में कुल 52 मूल वर्ण माने जाते हैं, जिनमें 11 स्वर, 2 अयोगवाह (अनुस्वार और विसर्ग), 25 स्पर्श व्यंजन, 4 अंतःस्थ व्यंजन, 4 ऊष्म/संघर्षी व्यंजन, 4 संयुक्त व्यंजन और 2 द्विगुत/उक्षिप्त व्यंजन (ड, ढ) शामिल हैं। 2. प्रयत्न और वायु की मात्रा के आधार पर व्यंजनों का वर्गीकरण करते समय 'महाप्राण' ध्वनियों के उच्चारण में मुख से अधिक वायु निकलती है, और प्रत्येक वर्ग (क, च, ट, त, प) का दूसरा और चौथा वर्ण तथा सभी ऊष्म व्यंजन (श, ष, स, ह) महाप्राण ध्वनियाँ कहलाते हैं। 3. 'र' वर्ण को 'लुंठित' (कंपित) व्यंजन कहा जाता है, क्योंकि इसके उच्चारण में जीभ की नोक मसूड़े को छूती है और हवा जीभ के बगल से निकलती है, जिसके कारण 'ल' को 'पार्श्वेिक' (Lateral) व्यंजन की श्रेणी में रखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भौतिक विभाजनों और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है। 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें विंध्यन क्रम की हैं, और उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जो जैव विविधता से समृद्ध है और जहाँ गन्ने की कृषि सर्वाधिक की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे, विधानमंडल और विशेष संस्थानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश द्विसदनीय विधानमंडल वाला राज्य है, जिसमें विधान परिषद (उच्च सदन) के सदस्यों की कुल संख्या 100 है, और इसका गठन सर्वप्रथम वर्ष 1937 में 'प्रांतीय विधान परिषद' के रूप में हुआ था। 2. उत्तर प्रदेश में 'राज्य मानवाधिकार आयोग' का गठन वर्ष 2002 में किया गया था, जबकि 'उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग' को एक वैधानिक निकाय के रूप में पूर्ण रूप से पुनर्गठित अधिनियम के तहत वर्ष 2004 में स्थापित किया गया। 3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975' के तहत की गई थी, और उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त विशंभर दयाल थे, तथा इस पद का कार्यकाल अब संशोधन के बाद 8 वर्ष कर दिया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अवस्थाओं और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के प्रमुख संप्रत्ययों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसकी मात्रा या द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 2. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं द्वारा समस्याओं को हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति के मार्गदर्शन में हल करने की क्षमता) के बीच के अंतर को दर्शाता है। 3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है, और उनके अनुसार बालकों द्वारा अपने ही कार्यों को निर्देशित करने के लिए किया जाने वाला 'निजी भाषण' (Private Speech) आगे चलकर आंतरिक विचार (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम 24 जनवरी 1950 को रखा गया था, और राज्य का पुनर्गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था, जबकि वर्ष 2000 में इसके 13 पहाड़ी जिलों को काटकर 'उत्तरांचल' (वर्तमान उत्तराखंड) राज्य का गठन किया गया था। 2. उत्तर प्रदेश में कुल 18 मंडल (Divisions) और 75 जिले हैं, जिसमें 'लखीमपुर खीरी' क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा जिला है, तथा सबसे छोटा जिला क्षेत्रफल में 'हापुड़' है। 3. राज्य में विधानमंडल का ऊपरी सदन यानी 'विधान परिषद' (Legislative Council) उत्तर प्रदेश में कुल 108 सदस्यों की संख्या के साथ देश में सबसे बड़ी विधान परिषद है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, लोकगीतों और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से मंदिरनुमा आकृति बनाकर सिर पर रखकर किया जाता है, जबकि 'राई नृत्य' भी इसी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मयूर की भांति नृत्य करके किया जाता है। 2. मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र में गाया जाने वाला 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम और प्रकृति का सुंदर वर्णन होता है, तथा इसके गायन के लिए मिर्जापुर घराना विशेष रूप से प्रसिद्ध है। 3. उत्तर प्रदेश में लगने वाला 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु मेला है, जिसे राज्य के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है, तथा इसका आयोजन प्रतिवर्ष कार्तिक मास में होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और चरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलबर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) स्तर के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण (व्यक्तिगत पुरस्कार और आत्म-रुचि उन्मुखीकरण) में बालक का नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होता है कि किस कार्य से उसकी अपनी आवश्यकताएं पूरी होती हैं और उसे क्या प्रत्यक्ष लाभ या पुरस्कार मिलता है। 2. 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) स्तर के चौथे चरण (कानून और व्यवस्था उन्मुखीकरण) में व्यक्ति का नैतिक दृष्टिकोण समाज के नियमों, अधिकारों और सामाजिक अनुबंध के लचीलेपन पर आधारित होता है, जहाँ वह मानता है कि यदि कोई कानून समाज के हितों के अनुकूल न हो तो उसे बदला जा सकता है। 3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) स्तर के छठे चरण (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत उन्मुखीकरण) में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत विवेक के आधार पर न्याय, मानवाधिकार और समानता के सार्वभौमिक सिद्धांतों का पालन करता है, भले ही वे सामाजिक कानूनों या समझौतों के विरुद्ध क्यों न हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है। 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार) में भूगर्भिक दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें पाई जाती हैं, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ प्राचीन गोंडवाना लैंड की विंध्यन क्रम की चट्टानों से बड़े पैमाने पर संगमरमर और यूरेनियम का खनन किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र की कार्यप्रणाली' (Ecosystem Dynamics) और 'ऊर्जा प्रवाह' (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (Law of Conservation of Energy) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का लगभग 90% भाग श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं में क्षय हो जाता है, तथा केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है, जिसे लिंडेमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) कहा जाता है। 2. पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न जीवों के बीच खाद्य ऊर्जा के स्थानांतरण के मार्ग को 'खाद्य जाल' (Food Web) कहा जाता है, जो एक सीधी रेखा में चलता है और इसमें ऊर्जा का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होता है, जबकि 'खाद्य श्रृंखला' (Food Chain) अनेक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई श्रृंखलाओं का समूह होती है। 3. किसी भी पारिस्थितिक तंत्र का 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि उत्पादकों से लेकर शीर्ष उपभोक्ताओं तक प्रत्येक क्रमिक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है, और इसे किसी भी परिस्थिति में उल्टा नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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