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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
🎯 245 Mock Tests Khelein
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकीय पिरैमिड' (Ecological Pyramids) और उनके विभिन्न प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चार्ल्स एल्टन (Charles Elton) द्वारा प्रतिपादित पारिस्थितिकीय पिरैमिडों में 'संख्या का पिरैमिड' (Pyramid of Numbers) घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा होता है, क्योंकि इसमें उत्पादकों (घास) की संख्या सबसे अधिक होती है और उच्च पोषण स्तर की ओर बढ़ने पर जीवों की संख्या घटती जाती है। 2. एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र (Tree Ecosystem) में 'संख्या का पिरैमिड' उलटा (Inverted) बनता है, क्योंकि यहाँ एक ही बड़े वृक्ष (उत्पादक) पर आश्रित शाकाहारी पक्षियों की संख्या अधिक होती है और उन पर पलने वाले परजीवियों की संख्या उससे भी अधिक होती है। 3. जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) में 'बायोमास का पिरैमिड' (Pyramid of Biomass) हमेशा सीधा बनता है, क्योंकि फाइटोप्लांकटन (पादपप्लवक) का कुल जीवभार (Biomass) जलीय जीवों (जैसे मछलियों) की तुलना में बहुत अधिक होता है और यह जलीय खाद्य श्रृंखला का आधार बनता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनकी प्रमुख विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage, 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है। 2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage, 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके भौतिक गुणों के आधार पर क्रमबद्ध करना (Seriation), उनका वर्गीकरण करना (Classification) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता को भली-भांति सीख जाते हैं। 3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) की क्षमता का पूर्ण विकास होता है, जिससे वे तार्किक रूप से समस्याओं के विभिन्न समाधानों की कल्पना कर सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता संरक्षण' और इसके संरक्षण के विभिन्न तरीकों (इन-सिटू और एक्स-सिटू) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'इन-सिटू' (In-situ) संरक्षण विधि के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में ही किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) और पवित्र उपवन (Sacred Groves) हैं। 2. 'एक्स-सिटू' (Ex-situ) संरक्षण विधि के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर किसी कृत्रिम या नियंत्रित वातावरण में संरक्षित किया जाता है, जिसके अंतर्गत वानस्पतिक उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos), बीज बैंक (Seed Banks) और क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation) शामिल हैं। 3. भारत में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत वर्ष 1973 में कॉर्бет राष्ट्रीय उद्यान (उत्तराखंड) से की गई थी, और यह वन्यजीव संरक्षण इन-सिटू संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि जिम कॉर्бет राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम 'हैली नेशनल पार्क' था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके चरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंधन और व्यक्तिगत अधिकार चरण (Stage 5) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम समाज की भलाई के लिए बनाए गए हैं, और यदि कोई नियम मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे बदला जा सकता है। 2. रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Conventional Morality) के अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Stage 3) में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों द्वारा अनुमोदित होना, प्रशंसा प्राप्त करना और सामाजिक मानदंडों के अनुरूप व्यवहार करना होता है। 3. पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Pre-conventional Morality) के पहले चरण यानी 'दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Stage 1) में बालक का नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होता है कि कार्य करने से उसे पुरस्कार मिलेगा या शारीरिक दंड, तथा अधिकार या सत्ता रखने वाले व्यक्ति के भय से वह नियमों का पालन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, सीमावर्ती राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश अपनी सबसे लंबी सीमा मध्य प्रदेश राज्य के साथ साझा करता है, जो इसके दक्षिण में स्थित है, जबकि सबसे छोटी सीमा हिमाचल प्रदेश राज्य के साथ लगती है। 2. उत्तर प्रदेश का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती देश नेपाल है, जिसके साथ राज्य के कुल 7 जिले (पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज) सीमा साझा करते हैं। 3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के कुल 8 जिले शामिल हैं, जिनमें गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और यहाँ की सर्वाधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) को स्थानीय रूप से 'कछारी' या 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है। 2. उत्तर प्रदेश में बहने वाली घाघरा नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में कर्णाली कहा जाता है) राज्य में लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा बनाते हुए प्रवेश करती है और छपरा के निकट गंगा में मिल जाती है, जबकि राप्ती नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है। 3. राज्य में स्थित 'भात और मूँड़' प्रकार की मृदा विशेष रूप से विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र में पाई जाती है, जो कि कम उपजाऊ होती है और इसमें मोटे अनाजों (जैसे ज्वार, बाजरा) की खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई विभिन्न सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे, जबकि वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 100 विषय शामिल हैं, जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, रेलवे और बैंकिंग जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय आते हैं। 2. राज्य सूची के अंतर्गत मूल रूप से 66 विषय थे, जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि तथा कारागार जैसे विषय शामिल हैं। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 'शिक्षा', 'वन', 'नापतोल' और 'वन्यजीवों एवं पक्षियों का संरक्षण' जैसे विषयों को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था। 3. समवर्ती सूची (Concurrent List) की अवधारणा को भारतीय संविधान में ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, और इस सूची में शामिल विषयों पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में कोई टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, बशर्ते राज्य के कानून को राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) की प्रमुख अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) बालकों के मानसिक विकास में केंद्रीय भूमिका निभाती है, और भाषा केवल संवाद का साधन नहीं बल्कि चिंतन को आकार देने का मुख्य उपकरण है। 2. समीपस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं समस्या हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक कुशल साथी के मार्गदर्शन में समस्या हल करने की क्षमता) के बीच का अंतर है। 3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) एक ऐसी शिक्षण तकनीक है जिसमें शिक्षक या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा बालक को शुरुआती सहायता या निर्देश दिए जाते हैं, जिसे बालक की स्वतंत्रता बढ़ने पर धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख नदियों के प्रवाह तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है—भाबर एवं तराई क्षेत्र, गंगा-यमुना का विशाल मैदान, और दक्षिण का पठारी (पर्वतीय) क्षेत्र। दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तरward विस्तार है, जिसमें विंध्य पर्वत शृंखला की चट्टानें शामिल हैं। 2. उत्तर प्रदेश में बहने वाली 'बेतवा नदी' (जिसे वेत्रवती भी कहा जाता है) मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमरागाँव से निकलती है और हमीरपुर जिले के निकट यमुना नदी में मिल जाती है, जबकि इसकी मुख्य सहायक नदी 'धसान' है। 3. राज्य में प्रवाहित होने वाली 'केन नदी' (जिसे कर्णवती भी कहा जाता है) कैमूर पहाड़ियों से निकलती है और बाँदा जिले के चिल्ला नामक स्थान पर यमुना नदी में मिलती है, और यह पन्ना राष्ट्रीय उद्यान से होकर प्रवाहित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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