त्वरित लिंक्स
UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
🎯 245 Mock Tests Khelein
�
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और राष्ट्रीय पार्कों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय पार्क' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय पार्क का दर्जा दिया गया था और वर्ष 1987 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के अंतर्गत शामिल किया गया था। 2. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला और सबसे पुराना पक्षी विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है, जबकि राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है। 3. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसका आधिकारिक नाम अब चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार कर दिया गया है) उन्नाव जिले में स्थित है, और यह उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला पक्षी विहार है जिसकी स्थापना राज्य में सबसे पहले (1984 में) की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और उसके भेदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'व्यंजन संधि' के नियमों के अनुसार यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) के आगे कोई स्वर, किसी वर्ग का तीसरा या चौथा वर्ण अथवा अंतःस्थ व्यंजन (य, र, ल, व) आए, तो पहले वर्ण के स्थान पर उसी वर्ग का तीसरा वर्ण (जैसे क् का ग्, त् का द् आदि) हो जाता है, जिसका एक प्रसिद्ध उदाहरण 'वाग्मी' या 'वागीश' (वाक् + ईश) है। 2. 'विसर्ग संधि' में यदि विसर्ग (ः) के पहले 'इ' या 'उ' हो और उसके बाद विसर्ग के आगे 'र्' आए, तो विसर्ग का लोप हो जाता है तथा उससे पहले का ह्रस्व स्वर दीर्घ (इ/उ) में बदल जाता है, जैसे 'नी + रस = नीरस' और 'दु + राज = दुराज'। 3. 'स्वर संधि' के 'अयादि संधि' नियम के अनुसार यदि ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भी असमान स्वर आए, तो ए का 'अय', ऐ का 'आय', ओ का 'अव' और औ का 'आव' हो जाता है, जिसके अंतर्गत 'पौ + अन = पावन' शब्द का निर्माण होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन नगरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में स्थित 'कोशाम्बी' प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के कई वर्ष बिताए थे और यहाँ प्रसिद्ध 'घोषाराम विहार' स्थित है। 2. 'अहिच्छत्र' (वर्तमान बरेली जिला) प्राचीन पंचाल महाजनपद की उत्तरी राजधानी थी, जिसकी पहचान का श्रेय कनिंघम को जाता है और यहाँ की गई पुरातात्विक खुदाइयों में चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware - PGW) संस्कृति के अवशेष मिले हैं। 3. 'महोपा नगर' के रूप में प्रसिद्ध प्राचीन 'श्रावस्ती' उत्तर प्रदेश का वह नगर है जहाँ सम्राट अशोक ने प्रसिद्ध 'सारनाथ स्तंभ' स्थापित करवाया था, और यह बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा केंद्र था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी क्षेत्र, जिसे 'बुंदेलखंड का पठार' कहा जाता है, वास्तव में प्राचीन भारतीय प्रायद्वीपीय पठार (Peninsular Plateau) का ही उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जहाँ प्राचीन नीस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानें पाई जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी आदि जनपदों में पाई जाने वाली 'भाभर' पट्टी में नदियाँ अत्यधिक वेग से बड़े-बड़े कंकड़-पत्थर और बोल्डर जमा करती हैं, जिसके कारण अधिकांश छोटी नदियाँ इस क्षेत्र में धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देती हैं और बहती रहती हैं। 3. उत्तर प्रदेश में तांबा, यूरेनियम, हीरा और कोयला जैसे खनिज सीमित मात्रा में ही सही, किंतु क्रमशः ललितपुर, बांदा और सोनभद्र जैसे जिलों में पाए जाते हैं, जहाँ सोनभद्र राज्य का प्रमुख कोयला और चूना पत्थर उत्पादक क्षेत्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता और उसका संरक्षण' (Biodiversity and its Conservation) तथा उससे संबंधित प्रमुख अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'इन-सिटू' या स्व-स्थाने संरक्षण (In-situ Conservation) वह संरक्षण विधि है जिसमें पादपों और जंतुओं की प्रजातियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों (जैसे राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, और बायोस्फीयर रिजर्व) के भीतर ही किया जाता है। 2. 'एक्स-सिटू' या बाह्य-स्थाने संरक्षण (Ex-situ Conservation) के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर विशेष रूप से संरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रखा जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos) और जीन बैंक (Gene Banks) हैं। 3. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की संकल्पना का प्रतिपादन सबसे पहले नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए वहाँ कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियों का होना तथा उस क्षेत्र की मूल वनस्पति का कम से कम 70 प्रतिशत भाग नष्ट हो चुका होना आवश्यक शर्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) और इसकी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, जिसके अंतर्गत विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के मुद्दों तथा अवधारणाओं को आपस में जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है। 2. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर EVS पाठ्यक्रम की रूपरेखा 'छह प्रमुख थीम' (Themes) पर आधारित है, जो 'परिवार और मित्र', 'भोजन', 'पानी', 'आवास', 'यात्रा' और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं' हैं। 3. पर्यावरण अध्ययन की शिक्षा-शास्त्रीय पद्धति में 'क्षेत्रीय भ्रमण' (Field Trips), 'प्रोजेक्ट कार्य' और 'सहयोगात्मक अधिगम' को द्वितीयक महत्व दिया जाता है, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों का रटकर अध्ययन करना ही प्राथमिक स्तर पर ज्ञानार्जन का एकमात्र और सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके विशिष्ट लक्षणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का पूर्ण गुण विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार, रूप या बर्तन बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है। 2. इस अवस्था के बालकों की सोच में 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism) पाई जाती है, जिसका अर्थ है कि बच्चा यह मानता है कि अन्य सभी लोग भी दुनिया को उसी दृष्टिकोण से देखते हैं, महसूस करते हैं और सोचते हैं जैसा कि वह स्वयं देखता है। 3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर 'वर्गीकृत' (Classifying) करने, आरोही-अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने (Seriation) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता प्राप्त कर लेता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
सामाजिक अध्ययन (Social Studies) के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन' (Swadeshi and Boycott Movement, 1905) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के प्रसिद्ध टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी प्रस्ताव' पारित किए जाने के साथ हुई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य बंगाल के विभाजन का कड़ा विरोध करना था। 2. आंदोलन के दौरान ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी के प्रचार-प्रसार के लिए बंगाल में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई थी, ताकि पश्चिमी शिक्षा पद्धति के स्थान पर राष्ट्रीय नियंत्रण वाली शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। 3. इस संपूर्ण आंदोलन के दौरान मुस्लिम लीग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बंगाल के विभाजन का पुरजोर विरोध करते हुए इसे राष्ट्रवाद की विजय के रूप में सराहा, जिससे हिंदू-मु मुस्लिम एकता का अभूतपूर्व उदाहरण देखने को मिला। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और सिंधु घाटी सभ्यता या महाजनपद काल से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिंडन नदी के तट पर स्थित 'आलमगीरपुर' सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पूर्वी पुरास्थल है, जिसकी खोज वाई.एम. शर्मा द्वारा की गई थी और यहाँ से कपास के खेती के साक्ष्य तथा टूटी हुई मृदभांड संस्कृतियाँ मिली हैं। 2. 'मृदभांड' (Pottery) के संदर्भ में उत्तर प्रदेश का हस्तिनापुर और अछछत्र क्षेत्र 'गेरुआ वर्णी मृदभांड संस्कृति' (Ochre Coloured Pottery - OCP) तथा 'चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति' (Painted Grey Ware - PGW) का एक प्रमुख केंद्र रहा है। 3. बौद्ध धर्म से जुड़े प्राचीन स्थल 'कौशाम्बी' और 'श्रावस्ती' दोनों ही स्थल प्राचीन काल में क्रमशः मल्ल और चेदि महाजनपदों की राजधानियाँ हुआ करती थीं, जहाँ सम्राट अशोक ने अपने अभिलेख खुदवाए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
�