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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
🎯 245 Mock Tests Khelein
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) और इसके 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (चरण 5 और चरण 6) की प्रमुख विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस स्तर के पाँचवें चरण ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' - Social Contract and Individual Rights) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसमें विवेकपूर्ण तरीके से बदलाव किया जा सकता है। 2. छठे चरण ('सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' - Universal Ethical Principles) में व्यक्ति किसी बाहरी सामाजिक दबाव या कानूनी दंड के भय से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के चुने हुए उन अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे न्याय, मानवाधिकार, और मानव जीवन की गरिमा) के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है, भले ही वे नियम मौजूदा कानूनों के विरुद्ध क्यों न हों। 3. कोहलवर्ग के अनुसार नैतिक विकास के इस सर्वोच्च उत्तर-रूढ़िगत स्तर पर अधिकांश किशोर और वयस्क अपने जीवन के व्यावहारिक अनुभवों के कारण स्वतः पहुँच जाते हैं, और इस अवस्था की मुख्य विशेषता यह होती है कि इसमें नैतिक तर्क पूरी तरह से पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और अधिकार बनाए रखने पर केंद्रित हो जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) और इसके ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution) को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत किया गया था, जिसे संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया था। 2. 'केशवानंद भारती बनाम केरल राज्यवाद' (1973) के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न अंग है और इसमें अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते इसके 'मूल ढाँचे' (Basic Structure) को कोई क्षति न पहुँचाई जाए। 3. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी' (Socialist), 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) और 'अखंडता' (Integrity) शब्दों को जोड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य संरचना' (Syntax) तथा 'अर्थ के आधार पर वाक्य के भेदों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद होते हैं, जिनमें 'विधानवाचक वाक्य', 'निषेधवाचक वाक्य', 'प्रश्नवाचक वाक्य', 'आज्ञावाचक वाक्य', 'इच्छावाचक वाक्य', 'संदिग्धवाचक वाक्य', 'संकेतवाचक वाक्य' और 'विस्मयादिबोधक वाक्य' शामिल हैं। 2. 'इच्छावाचक वाक्य' वे वाक्य होते हैं जिनसे वक्ता की किसी प्रकार की शुभकामना, आशीर्वाद या इच्छा का बोध होता है, जैसे: "भगवान तुम्हें लंबी आयु दे!"। 3. रचना या बनावट के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद माने जाते हैं— सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य; और मिश्र वाक्य में एक मुख्य (प्रधान) उपवाक्य होता है तथा अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं जो सामान्यतः 'कि', 'जो', 'चूँकि', 'यदि...तो', 'यद्यपि...तथापि' जैसे व्याधिकरण समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक और कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) तथा फसलों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. योजना आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश का 'बुंदेलखंड क्षेत्र' दलहनी फसलों (जैसे चना और मटर) और तिलहन के उत्पादन के लिए पूरे राज्य में विशेष रूप से प्रसिद्ध है, क्योंकि यहाँ की लाल और पैंडो मृदा में नमी धारण करने की क्षमता सीमित होती है। 3. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में गन्ने का सघन उत्पादन होता है, और यह क्षेत्र देश में 'चीनी का कटोरा' (Sugar Bowl) के रूप में अपनी उच्च उत्पादकता के लिए जाना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) और उनके द्वारा दिए गए 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ZPD (Zone of Proximal Development) वास्तविक विकास स्तर (जो बच्चा बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और संभावित विकास स्तर (जो बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति की मदद से कर सकता है) के बीच का अंतर या क्षेत्र होता है। 2. 'मचान' (Scaffolding) से तात्पर्य उस अस्थायी सहायता या मार्गदर्शन से है जो किसी कुशल व्यक्ति द्वारा बच्चे को सीखने के दौरान दी जाती है, और जैसे-जैसे बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करना सीख जाता है, इस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है। 3. वायगोत्स्की के अनुसार बच्चों में भाषा का विकास मुख्य रूप से उनके अपने व्यक्तिगत विचारों को निर्देशित करने के लिए पहले 'सामाजिक भाषण' के रूप में होता है, जो बाद में 'अन्तर्वाक्' (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, और यह संज्ञानात्मक विकास को संचालित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु क्षेत्रों तथा प्रमुख फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएं चिकनी और अत्यधिक उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की विशेष क्षमता होती है, जो चना और मटर जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा राज्य को कुल 20 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मिट्टी की विविधता को स्पष्ट करते हैं। 3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्य रूप से उपजाऊ कछारी और नम प्रकार की होती है, जहाँ धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, लेकिन यह क्षेत्र बाजरे की खेती के लिए राज्य में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय शिक्षा के इतिहास और नीतिगत विकास के संदर्भ में, वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan of Education) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सार्जेंट योजना को आधिकारिक तौर पर 'भारत में शिक्षा के पुनरुद्धार पर केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) की रिपोर्ट' के रूप में जाना जाता है, जिसे भारत में युद्धोत्तर शिक्षा विकास की एक व्यापक योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था। 2. इस योजना में देश में 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे अगले 40 वर्षों (यानी लगभग चार दशकों) के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रस्ताव दिया गया था। 3. सार्जेंट योजना ने बेसिक शिक्षा (वर्धा योजना) की कई मुख्य बातों को स्वीकार किया, लेकिन इसने शिक्षक प्रशिक्षण के स्तर को ऊंचा उठाने, विकलांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा का प्रावधान करने और विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के मानकों को विनियमित करने के लिए एक 'विश्वविद्यालय अनुदान समिति' (University Grants Committee) के गठन की भी सिफारिश की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी (Ecology) के मूलभूत सिद्धांतों के संदर्भ में, 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उस नग्न क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले कभी कोई जीव या जीवन नहीं था, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें, रेत के टीले या नए बने ग्लेशियर, और यहाँ सबसे पहले पहुँचने वाले जीवों को 'पायनियर स्पीशीज' (Pioneer Species) कहा जाता है, जिसमें अक्सर लाइकेन (Lichens) और मॉस शामिल होते हैं। 2. माध्यमिक अनुक्रमण (Secondary Succession) उस क्षेत्र में शुरू होता है जहाँ पहले से ही जीवन मौजूद था, लेकिन किसी प्राकृतिक या मानवीय आपदा (जैसे जंगल की आग, बाढ़ या अत्यधिक वनों की कटाई) के कारण वहाँ की पुरानी वनस्पति नष्ट हो गई है, और चूँकि यहाँ पहले से ही उपजाऊ मिट्टी और बीज बैंक मौजूद होते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया प्राथमिक अनुक्रमण की तुलना में बहुत तेज गति से आगे बढ़ती है। 3. अनुक्रमण की अंतिम और स्थिर अवस्था को 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) कहा जाता है, और आधुनिक पारिस्थितिकीविदों के अनुसार यह अवस्था हमेशा अपरिवर्तनीय और पूर्ण रूप से स्थिर होती है, जिसमें पर्यावरण के जलवायु संबंधी कारक (Climate factors) का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है और जीव-समुदाय में भविष्य में कोई आंतरिक परिवर्तन नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण एवं व्याकरण के अंतर्गत 'पदबंध' (Phrase) और इसके प्रमुख भेदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पदबंध दो या दो से अधिक पदों का वह समूह है जो एक पद (शब्द) की तरह काम करता है और एक निश्चित अर्थ को प्रकट करता है, लेकिन इसका अपना कोई स्वतंत्र पूरा वाक्य या पूर्ण उद्देश्य-विधेयक का ढांचा नहीं होता है। 2. कार्य या प्रयोग के आधार पर पदबंध के मुख्य रूप से पाँच भेद माने जाते हैं— संज्ञा पदबंध, सर्वनाम पदबंध, विशेषण पदबंध, क्रिया पदबंध और क्रियाविशेषण पदबंध। 3. 'शेर की तरह दहाड़ने वाला वह सिपाही मैदान में डटा रहा' इस वाक्य में रेखांकित या प्रमुख पदबंध 'सर्वनाम पदबंध' का एक सटीक उदाहरण है, क्योंकि यह वाक्य में सर्वनाम की विशेषता को प्रकट करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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