BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test

Clear filter

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

🎯 245 Mock Tests Khelein

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई रूप से भिन्न हों) को एक साथ शिक्षित करना है, जिससे 'विशेष विद्यालयों' की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाती है और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होते हैं। 2. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा और उनके लिए बाधा-मुक्त (Barrier-free) पर्यावरण के निर्माण पर विशेष बल देते हैं। 3. समावेशी शिक्षा केवल 'एकीकरण' (Integration) का ही दूसरा रूप है, जिसमें छात्रों को बिना किसी विशेष पाठ्यचर्या संबंधी बदलाव या शिक्षक के दृष्टिकोण में परिवर्तन के सामान्य कक्षाओं में बैठा दिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में 'अरावली पहाड़ियों के अपशिष्ट अवशेषों' और 'मानसून की वर्षा' के प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों (विशेषकर आगरा और मथुरा के आसपास) में दिल्ली रिज (अरावली पर्वतमाला के विस्तार) के छोटे-छोटे अवशेष पाए जाते हैं, जो राज्य के इस क्षेत्र की स्थलाकृति को प्रभावित करते हैं। 2. उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी की शाखा' (Bay of Bengal branch) राज्य में पूर्व से प्रवेश करती है और जैसे-जैसे यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ती है, वर्षा की मात्रा में क्रमिक रूप से कमी आती जाती है। 3. उत्तर प्रदेश की जलवायु मूल रूप से 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी' (Tropical Monsoon) प्रकार की है, जिसमें ग्रीष्मकाल अत्यधिक गर्म और शीतकाल शुष्क तथा ठंडा होता है, तथा राज्य की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग मानसूनी महीनों (जून से सितंबर) के दौरान ही प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का अधिकांश भाग उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु के अंतर्गत आता है, जहाँ ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक गर्मी और शीत ऋतु में सामान्य ठंड पड़ती है, तथा राज्य में सबसे अधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा से होती है। 2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक नमी, दलदली भूमि और सघन वनों के कारण मलेरिया और अन्य उष्णकटिबंधीय बीमारियों का प्रकोप अधिक रहता है, और यहाँ की मृदा मुख्य रूप से महीन अवसादों से बनी होती है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। 3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड पठारी क्षेत्र में ग्रीष्मकाल में तापमान अत्यधिक उच्च हो जाता है और यहाँ वार्षिक वर्षा राज्य के अन्य क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र सदाबहार वनों से आच्छादित रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षेत्र भ्रमण बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव (Direct Experience) प्रदान करता है, जिससे वे पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के साथ जोड़कर अमूर्त अवधारणाओं को आसानी से समझ पाते हैं। 2. पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम में क्षेत्र भ्रमण को केवल मनोरंजन और सामूहिक सौहार्द बढ़ाने के एक साधन के रूप में शामिल किया गया है, जिसका विषयवस्तु की अवधारणाओं या संज्ञानात्मक विकास से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है। 3. सफल क्षेत्र भ्रमण के लिए यह आवश्यक है कि भ्रमण से पूर्व बच्चों के साथ अधिगम के स्पष्ट उद्देश्य तय किए जाएं और भ्रमण के पश्चात एकत्र किए गए डेटा या अनुभवों पर कक्षा में सार्थक चर्चा व विश्लेषण किया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और कृषि अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण के पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली लाल और पैंडुआ (Pandua) मृदा जलधारण क्षमता में अत्यधिक उच्च होती है, जिसके कारण इस क्षेत्र में बिना किसी सिंचाई सुविधा के वर्ष भर धान की सघन कृषि की जाती है। 2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़' मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जो बाढ़ के मैदानों में प्रतिवर्ष नई परतों के रूप में जमा होती है और इसकी उर्वरता बहुत अधिक होती है। 3. उत्तर प्रदेश के भाबर और तराई क्षेत्रों में नदियाँ बड़े-बड़े पत्कथरी पत्थरों और कंकड़ों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं (भाबर क्षेत्र), जबकि तराई क्षेत्र में वही जल पुनः धरातल पर प्रकट होकर दलदली और नम भूमि का निर्माण करता है, जो गन्ने और धान के उत्पादन के लिए अत्यधिक अनुकूल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा की मात्रा और तापमान की भिन्नताओं को दर्शाते हैं। 2. राज्य के 'पूर्वी मैदान' (Eastern Plain Zone) क्षेत्र में धान और गेहूं की प्रधानता है, लेकिन यहाँ की मुख्य समस्या मिट्टी में क्षारीयता (Alkalinity) और जलभराव की है, जबकि 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में सिंचित साधनों की कमी और मृदा अपरदन प्रमुख कृषि संबंधी चुनौतियाँ हैं। 3. उत्तर प्रदेश के 'भाबर और तराई' क्षेत्र में पायी जाने वाली मटियाियार और नम मिट्टी गन्ने, धान और उच्च आर्द्रता चाहने वाली फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है, और इस क्षेत्र में राज्य के अन्य मैदानी भागों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा कम होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन काल के 'छःवीं शताब्दी ईसा पूर्व' (6th Century BCE) के 16 महाजनपदों में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद (जैसे- कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) स्थित थे, जो राज्य के प्राचीन ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश का वर्तमान 'शूरसेन महाजनपद' क्षेत्र भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में प्रसिद्ध था, और यहीं पर सम्राट अशोक ने प्रसिद्ध बौद्ध स्तूपों का निर्माण करवाया था। 3. प्राचीन 'वत्स महाजनपद' की राजधानी 'कौशांबी' थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और यह बौद्ध तथा जैन धर्म दोनों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा अपरदन और कृषि संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी जिलों (विशेषकर आगरा, इटावा और औरैया) में यमुना और उसकी सहायक नदियों द्वारा तीव्र जल प्रवाह के कारण 'अवनलिका अपरदन' (Gully Erosion) होता है, जिसके फलस्वरूप ऊबड़-खाबड़ और गहरी घाटियों वाले 'बीहड़' (Ravines) क्षेत्रों का निर्माण हुआ है। 2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्यतः मटियाियार और दोमट होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, लेकिन इसमें पोटाश और चूने की अत्यधिक कमी पाई जाती है जिसके कारण यहाँ केवल बाजरा और ज्वार की खेती की जाती है। 3. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और मिट्टी की क्षारीयता (Alkalinity) को दूर करने के लिए जिप्सम (Gypsum) के प्रयोग की संस्तुति की जाती है, क्योंकि यह मृदा के पीएच (pH) मान को संतुलित करने में सहायक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में प्राचीन 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' के अनुसार, छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद (जैसे- कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) पूर्णतः या आंशिक रूप से स्थित थे। 2. प्राचीन 'मल्ल महाजनपद' की राजधानी 'कुशीनगर' (कुशीनारा) थी, जहाँ भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ था, और यह क्षेत्र वर्तमान उत्तर प्रदेश के देवरिया-कुशीनगर सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत आता है। 3. प्राचीन 'चेदि महाजनपद' की राजधानी 'शक्तिमती' थी, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित थी, और महाभारत काल में यह राजा शिशुपाल के शासन क्षेत्र के अंतर्गत आता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'बुंदेलखंड पठार' की विशेषताओं और वहाँ की प्रमुख नदियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, जो उत्तर में यमुना नदी, दक्षिण में विंध्य श्रेणी, पश्चिम में बेतवा नदी और पूर्व में केन नदी से घिरा हुआ है। 2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा, केन और टोंस नदियाँ उत्तर की ओर बहते हुए यमुना या गंगा में मिलती हैं, और ग्रीष्मकाल में इनमें जल की भारी कमी हो जाती है क्योंकि ये मौसमी (Non-perennial) नदियाँ हैं। 3. बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख मिट्टियों में 'मार', 'भाबर', 'रड़ुआ' और 'पैंडुआ' शामिल हैं, जो कृषि की दृष्टि से अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और यहाँ बिना किसी सिंचाई के धान की सघन खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Likes: 0 4 days ago UPTET