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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
🎯 245 Mock Tests Khelein
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'दक्षिण का पठारी क्षेत्र' (Southern Plateau Region) और उसके ढाल, प्रमुख चट्टानों तथा नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड और बघेलखंड के पठारी भाग आते हैं, और यह क्षेत्र प्राचीन प्री-कैंब्रियन कल्प की नीस (Gneiss) एवं ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है। 2. इस पठारी क्षेत्र की सामान्य ढाल दक्षिण से उत्तर की ओर है, यही कारण है कि इस क्षेत्र की अधिकांश नदियाँ (जैसे चंबल, बेतवा, केन और सोन) दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा से निकलकर उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए गंगा या यमुना नदी में मिलती हैं। 3. विंध्य पर्वतीय श्रेणी से लगे होने के कारण इस क्षेत्र में बालुका पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone) और डायमंड (हीरा) जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि यहाँ की मुख्य फसल धान और जूट है क्योंकि यहाँ जलोढ़ मिट्टी की अत्यधिक मोटाई पाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी अवस्थिति (जनपद) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बख्तियार खिलजी वन्यजीव विहार - बलिया 2. पटना पक्षी विहार - एटा (राज्य का सबसे छोटा पक्षी विहार) 3. जय प्रकाश नारायण (सुरहा ताल) पक्षी विहार - बलिया 4. लाख बहोसी पक्षी विहार - कन्नौज (राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विकास की प्रक्रिया निरंतरता के सिद्धांत (Principle of Continuity) के अनुसार गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत तक बिना रुके क्रमिक रूप से चलती रहती है, यद्यपि विकास की गति सभी अवस्थाओं में एक जैसी तीव्र नहीं होती है। 2. 'समीप-दूराभिमुख विकास' (Proximodistal Trend) के नियम के अंतर्गत विकास का क्रम शरीर के केंद्र से शुरू होकर बाहर की ओर यानी सिर से पैर की दिशा (Cephalocaudal Trend) में अग्रसर होता है, जिसमें पहले रीढ़ की हड्डी और आंतरिक अंग विकसित होते हैं और बाद में हाथ-पैर की उंगलियां। 3. विकास की दर व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences) के कारण प्रत्येक बालक में अलग-अलग हो सकती है, किंतु सामान्य रूप से विकास के सभी प्रतिमान (Patterns) और अनुक्रम (Sequences) मानव जाति के सभी बालकों में एक जैसे होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) और 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रोजेक्ट विधि जॉन डीवी के व्यावहारिक दर्शन और उनके शिष्य विलियम किलपैट्रिक के शैक्षिक सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें छात्र वास्तविक जीवन की किसी सार्थक समस्या का समाधान खोजने के लिए स्वाभाविक और सहयोगात्मक वातावरण में सक्रिय रूप से कार्य करते हैं। 2. समस्या समाधान विधि के अंतर्गत छात्र अपनी तार्किक सोच, अवलोकन और अन्वेषण क्षमताओं का उपयोग करके वैज्ञानिक पद्धति के चरणों का पालन करते हुए किसी जटिल परिस्थिति या दुविधा को हल करना सीखते हैं। 3. ये दोनों शिक्षण विधियाँ पूरी तरह से शिक्षक-केंद्रित (Teacher-centric) और उपदेशात्मक (Didactic) दृष्टिकोण पर आधारित हैं, जहाँ छात्रों की भूमिका केवल एक निष्क्रिय श्रोता के रूप में होती है और वे केवल पाठ्यपुस्तक रटने पर बल देते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs - CWSN) के शिक्षण-अधिगम संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) तथा बाल-केंद्रित शिक्षा के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी भिन्नता से युक्त हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, जिसमें शिक्षण विधियों और मूल्यांकन प्रणालियों को बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार लचीला (Flexible) बनाया जाता है। 2. 'विशिष्ट बालकों' के अंतर्गत केवल तीव्र बुद्धि या प्रतिभाशाली (Gifted) बालकों को शामिल किया जाता है, जबकि अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities) और शारीरिक रूप से बाधित बालकों के लिए केवल पृथक् विशेष विद्यालयों (Segregated Special Schools) की स्थापना करना ही NCF-2005 का प्राथमिक और एकमात्र संस्तुत दृष्टिकोण है। 3. समावेशी कक्षाओं में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) का तात्पर्य ऐसी शिक्षण रणनीति से है, जहाँ शिक्षक प्रत्येक छात्र की अद्वितीय अधिगम शैली, गति और पूर्व ज्ञान को ध्यान में रखते हुए विषय-वस्तु, प्रक्रिया और उत्पादों में उचित संशोधन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना वर्ष तथा अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली (राज्य का पहला वन्यजीव विहार, जिसकी स्थापना 1957 में की गई थी) 2. नवाबगंज पक्षी विहार (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) - उन्नाव (राज्य का पहला पक्षी विहार, स्थापित 1984) 3. समसपुर पक्षी विहार - रायबरेली (स्थापित 1987) 4. ओखला पक्षी विहार - गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद की सीमा (स्थापित 1995) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, भौगोलिक और खनिज संसाधनों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला एकमात्र ऐसा जिला है जिसकी सीमाएं चार राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार) से मिलती हैं, और यह जिला अपने प्रचुर खनिज भंडारों (जैसे चूना पत्थर, कोयला और डोलोमाइट) के लिए जाना जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में तांबा (Copper), यूरेनियम और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिज प्रमुख रूप से पाए जाते हैं, और यह जिला मध्य प्रदेश से तीन तरफ से घिरा हुआ है। 3. उत्तर प्रदेश राज्य में देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 10% हिस्सा पाया जाता है, जिसके कारण सोनभद्र और चंदौली जिलों में बड़े पैमाने पर कोयला आधारित ताप विद्युत गृह (Thermal Power Plants) स्थापित किए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'मानचित्र कौशल' (Mapping Skills) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक कक्षाओं में मानचित्र पठन और अंकन सिखाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में दिशाओं का सापेक्षिक ज्ञान, स्थानों की स्थिति का अनुमान और प्रतीकों (Symbols) को समझने की तार्किक क्षमता का विकास करना है, न कि उन्हें पेशेवर कार्टोग्राफर बनाना। 2. पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम में मानचित्र का प्रयोग केवल उच्च प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के भूगोल विषय के लिए आरक्षित होना चाहिए, क्योंकि प्राथमिक स्तर के बच्चे अमूर्त संकेतों और पैमाना (Scale) आधारित गणनाओं को समझने में पूरी तरह अक्षम होते हैं। 3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनके घर से विद्यालय तक के मार्ग का रेखाचित्र (Sketch) बनाने के लिए प्रोत्साहित करना उनकी स्थानिक समझ (Spatial Understanding) और अवलोकन कौशल को मजबूत करने की एक अत्यंत प्रभावी शिक्षण रणनीति है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में बालक वस्तुओं के वर्गीकरण (Classification) और उनके क्रमबद्ध करने (Seriation) की क्षमता प्राप्त कर लेता है, तथा वह संख्याओं और मात्राओं के 'संरक्षण' (Conservation) के सिद्धांत को भली-भांति समझने लगता है। 2. बालक में अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), काल्पनिक परिकल्पनाओं (Hypothetical-deductive reasoning) और तार्किक रूप से बिना ठोस वस्तुओं की सहायता के जटिल समस्याओं को हल करने की पूर्ण क्षमता इसी अवस्था में विकसित हो जाती है। 3. इस चरण के दौरान बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का गुण सीख जाता है, जिसके कारण वह किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही पहलू या आयाम से देखने के बजाय उसके विभिन्न पक्षों को एक साथ ध्यान में रख सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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