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निजी भाषा (Private Speech) क्या है?

निजी भाषा वह बातचीत है जो बच्चा खुद से, आवाज़ निकालकर करता है। वाइगोत्स्की के अनुसार यह अपनी सोच और क्रियाओं को नियंत्रित करने का साधन है, जो आगे चलकर आंतरिक भाषा बन जाती है।

निजी भाषा: विस्तृत व्याख्या

निजी भाषा को समझें

पियाजे इसे आत्मकेंद्रित भाषा कहते थे जो उम्र के साथ ख़त्म हो जाती है। वाइगोत्स्की इसके उलट मानते थे कि यह सोच का औज़ार है। कठिन कार्य मिलने पर बच्चे ज़्यादा बुदबुदाते हैं, और सात-आठ वर्ष के आसपास यह बाहर से सुनाई देना बंद होकर मन के भीतर चलने लगती है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • वाइगोत्स्की के लिए सोच और भाषा का गहरा संबंध है
  • कठिन कार्य में निजी भाषा बढ़ जाती है
  • अंततः यह आंतरिक भाषा (सोच) में बदल जाती है

उदाहरण

पहेली जोड़ते समय पाँच साल की बच्ची कहती है, पहले किनारे वाले टुकड़े, फिर बीच के। वह अपने काम की योजना बोलकर ही बना रही है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

पियाजे और वाइगोत्स्की का अंतर यहीं पूछा जाता है: पियाजे के लिए आत्मकेंद्रित और घटने वाली, वाइगोत्स्की के लिए उपयोगी और सोच का रूप लेने वाली।

निजी भाषा पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

वाइगोत्स्की के सभी प्रश्न देखें →

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संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • लेव वाइगोत्स्की, Thought and Language (अंग्रेज़ी अनुवाद 1962)
  • NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें