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समीपस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development) क्या है?

समीपस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD) वाइगोत्स्की की संकल्पना है। यह उस दूरी को दर्शाता है जो बालक अकेले अपने बल पर जो कर सकता है और किसी सक्षम वयस्क या सहपाठी की सहायता से जो कर सकता है, इन दोनों स्तरों के बीच होती है।

समीपस्थ विकास का क्षेत्र: विस्तृत व्याख्या

संकल्पना क्या कहती है

वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के पास दो स्तर होते हैं: पहला, वह स्तर जहाँ वह बिना सहायता के कार्य कर लेता है; दूसरा, वह संभावित स्तर जहाँ वह मार्गदर्शन मिलने पर पहुँच सकता है। इन दोनों के बीच का अंतर ही ZPD है। सीखना सबसे प्रभावी तब होता है जब कार्य इसी क्षेत्र में दिया जाए।

शिक्षक के लिए अर्थ

  • कार्य न इतना सरल हो कि चुनौती ही न रहे, न इतना कठिन कि बालक हताश हो जाए।
  • सहपाठी-शिक्षण और समूह कार्य ZPD को आगे बढ़ाने में सहायक हैं।
  • जैसे-जैसे बालक सीखता है, सहायता धीरे-धीरे कम की जाती है (स्कैफोल्डिंग)।

सामान्य भ्रम

ZPD कोई स्थायी स्तर नहीं है; सीखने के साथ यह आगे खिसकता रहता है। इसे पियाजे की अवस्थाओं से न मिलाएँ, क्योंकि ZPD सामाजिक सहायता पर आधारित है।

उदाहरण

कक्षा 3 का कोई बच्चा अकेले दो अंकों का जोड़ हल नहीं कर पाता, पर शिक्षक द्वारा गिनती की डिब्बियाँ दिखाने और एक-एक चरण समझाने पर हल कर लेता है। यही उसका ZPD है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

प्रश्न में प्रायः "वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर" या "सहायता से मिलने वाला सीखना" जैसे शब्द आते हैं; उत्तर ZPD होता है। इसे हमेशा वाइगोत्स्की और स्कैफोल्डिंग से जोड़कर याद रखें।

समीपस्थ विकास का क्षेत्र पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

वाइगोत्स्की के सभी प्रश्न देखें →

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संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • लेव वाइगोत्स्की, Mind in Society (1978 का अंग्रेज़ी संकलन)
  • NCERT, मनोविज्ञान एवं शिक्षा संबंधी पाठ्यपुस्तकें