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स्कैफोल्डिंग (Scaffolding) क्या है?

स्कैफोल्डिंग वह शिक्षण-तकनीक है जिसमें शिक्षक या सक्षम व्यक्ति बालक को नया कौशल सीखते समय अस्थायी सहायता देता है और बालक की दक्षता बढ़ने के साथ यह सहायता धीरे-धीरे हटा लेता है। यह ZPD के भीतर काम करती है।

स्कैफोल्डिंग: विस्तृत व्याख्या

मूल विचार

इमारत बनाते समय जिस तरह ढाँचा (scaffold) अस्थायी सहारा देता है और काम पूरा होने पर हटा दिया जाता है, उसी तरह शिक्षण में सहायता अस्थायी होती है। यह शब्द वुड, ब्रूनर और रॉस (1976) के अध्ययन से प्रचलित हुआ और वाइगोत्स्की के ZPD से जुड़ा है।

स्कैफोल्डिंग के सामान्य रूप

  • कार्य को छोटे चरणों में बाँटना।
  • संकेत (hints) और प्रश्न देकर सोचने की दिशा देना।
  • पहले स्वयं करके दिखाना, फिर साथ करना, फिर बालक को अकेले करने देना।

ध्यान रखें

सहायता स्थायी हो जाए तो बालक निर्भर हो जाता है; इसलिए इसे क्रमशः कम करना ज़रूरी है।

उदाहरण

लेख लिखना सिखाते समय शिक्षक पहले रूपरेखा देता है, फिर केवल शुरुआती वाक्य, और अंत में बच्चा पूरा लेख स्वयं लिखता है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

"सहायता धीरे-धीरे हटाना" या "ZPD में मार्गदर्शन" जैसे वाक्य आएँ तो उत्तर स्कैफोल्डिंग है। ध्यान रहे कि स्कैफोल्डिंग शब्द ब्रूनर से भी जुड़ा बताया जाता है, जबकि मूल संकल्पना ZPD वाइगोत्स्की की है।

स्कैफोल्डिंग पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

वाइगोत्स्की के सभी प्रश्न देखें →

तुलना पढ़ें

संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • वुड, ब्रूनर और रॉस (1976), The role of tutoring in problem solving
  • लेव वाइगोत्स्की, Mind in Society