विद्यालय प्रबंधन समिति (School Management Committee) क्या है?
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) वह समिति है जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 21 के अनुसार हर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय में बनती है। इसमें कम से कम तीन-चौथाई सदस्य बच्चों के अभिभावक होते हैं।
विद्यालय प्रबंधन समिति: विस्तृत व्याख्या
विद्यालय प्रबंधन समिति को समझें
समिति में स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधि, अभिभावक और शिक्षक होते हैं। कमज़ोर वर्गों के अभिभावकों को अनुपात में प्रतिनिधित्व और कम से कम आधे सदस्य महिलाएँ होना ज़रूरी है। यह विद्यालय की कार्यप्रणाली की निगरानी करती है और विद्यालय विकास योजना बनाती है।
याद रखने योग्य बिंदु
- RTE अधिनियम की धारा 21
- तीन-चौथाई सदस्य अभिभावक
- विद्यालय विकास योजना बनाने की ज़िम्मेदारी
उदाहरण
किसी गाँव के सरकारी विद्यालय में समिति की बैठक में अभिभावक सुझाव देते हैं कि शौचालय की मरम्मत पहले हो। समिति इसे विद्यालय विकास योजना में रखकर ग्राम पंचायत को भेजती है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
धारा संख्या और सदस्यों के प्रतिशत जैसे तथ्य सीधे पूछे जाते हैं। SMC की भूमिका में निगरानी और विद्यालय विकास योजना दोनों याद रखें।
विद्यालय प्रबंधन समिति पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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- भारत के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार ........ आयु वर्ग के अंतर्गत आता है-
संबंधित अवधारणाएँ
- भारत सरकार, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, धारा 21 और 22
- NCERT, RTE संबंधी सामग्री