मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत 'जल चक्र' (Hydrological Cycle) और 'ऑक्सीजन चक्र' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'वाष्पोत्सर्जन' (Transpiration) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पौधों की पत्तियों के रंध्रों (Stomata) से जल वाष्प के रूप में वायुमंडल में छोड़ता है, जो संघनन (Condensation) के माध्यम से बादलों का निर्माण करता है।
- 2. ऑक्सीजन चक्र एक विशुद्ध रूप से अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका मुख्य भंडार पृथ्वी की पर्पटी (Crust) की चट्टानें हैं और इसका वायुमंडलीय संतुलन केवल प्रकाश संश्लेषण से ही नियंत्रित होता है।
- 3. 'ओजोन परत' (Ozone Layer) का क्षरण करने वाले प्रमुख गैसों में क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) शामिल हैं, जो समताप मंडल (Stratosphere) में पहुंचकर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से क्लोरीन मुक्त मूलक (Chlorine Free Radicals) बनाते हैं और ओजोन के अणुओं को ऑक्सीजन में विघटित कर देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन पौधों द्वारा जल को वाष्प के रूप में वायुमंडल में छोड़ने की प्रक्रिया है, जो जल चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कथन 2 गलत है क्योंकि ऑक्सीजन चक्र एक गैसीय चक्र (Gaseous Cycle) है, न कि अवसादी चक्र; इसका वायुमंडल और महासागरों में बहुत बड़ा गैसीय भंडार होता है। कथन 3 सही है क्योंकि क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) समताप मंडल में पराबैंगनी विकिरण के संपर्क में आकर क्लोरीन मुक्त मूलक उत्पन्न करते हैं जो ओजोन परत के क्षरण का मुख्य कारण बनते हैं।
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)।
2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं।
3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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मानव शरीर में होने वाली जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं और विभिन्न पादप तथा जंतु हॉर्मोन्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एब्सिसिक एसिड' (Abscisic Acid) एक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से वृद्धि-रोधक (Growth Inhibitor) के रूप में कार्य करता है, तथा यह तनाव की स्थिति (जैसे जल की कमी) में पत्तियों के रंध्रों (Stomata) को तेजी से बंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. पौधों में प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) और गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) जैसी गतियों के लिए मुख्य रूप से 'ऑक्सिन' (Auxin) हॉर्मोन उत्तरदायी होता है, जिसका संश्लेषण प्ररोह (Shoot) के अग्रभाग पर होता है और यह प्रकाश के विपरीत दिशा में संचित होकर कोशिकाओं की लंबाई को बढ़ाता है।
3. जंतुओं में 'वैसोप्रेसिन' (Vasopressin), जिसे एंटीडाईयूरेटिक हॉर्मोन (ADH) भी कहा जाता है, का स्रावण हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित होकर पश्च पिट्यूटरी से होता है, और यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं में जल के पुनравशोषण (Reabsorption) को नियमित करके शरीर में जल संतुलन बनाए रखता है।
4. मानव शरीर में 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन अनिवार्य तत्व है, और इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से वयस्कों में 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) जबकि बच्चों में 'क्रेटीनिज्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) और 'ऊर्जा प्रवाह' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कार्बन चक्र' एक संपूर्ण रूप से गैसीय चक्र है, जिसके अंतर्गत प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड पौधों में जाती है, और यह चक्र केवल स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र तक ही सीमित रहता है, जलीय तंत्र में इसकी कोई भूमिका नहीं होती।
2. 'फास्फोरस चक्र' एक 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका मुख्य भंडार चट्टानें, मिट्टी और महासागरीय तलछट होते हैं, और इसमें वायुमंडलीय परिसंचरण की कोई प्रमुख भूमिका नहीं होती है।
3. किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है (लिंeman के 10% के नियम के अनुसार), जबकि पोषक तत्वों का प्रवाह 'चक्रीय' (Cyclic) होता है, क्योंकि पोषक तत्व पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर बार-बार पुनर्चक्रित होते रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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अवसाद, आत्म-क्षति, चिंता विकार, खाने के विकास, ये सभी बच्चों द्वारा सामना की जाने वाली ........ स्वास्थ्य समस्याओं के उदाहरण हैं।
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बाल विकास का कौन-सा चरण 'तनाव और तूफान (स्टॉर्म)' की अवधि को संदर्भित करता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycles) के अंतर्गत वायुमंडल या जलमंडल मुख्य भंडार (Reservoir) होते हैं, और इसके अंतर्गत 'नाइट्रोजन चक्र', 'कार्बन चक्र' और 'ऑक्सीजन चक्र' आते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र में तत्वों का तेजी से पुनर्चक्रण सुनिश्चित करते हैं।
2. 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycles) के अंतर्गत पृथ्वी कीपपड़ी (Earth's Crust) या चट्टानें मुख्य भंडार होती हैं, और इसके अंतर्गत 'फास्फोरस चक्र' तथा 'सल्फर चक्र' शामिल हैं, जिनकी गति गैसीय चक्रों की तुलना में काफी धीमी होती है।
3. 'कार्बन चक्र' एक परिपूर्ण गैसीय चक्र है जिसमें मानव गतिविधियों, जीवाश्म ईधन के दहन और वनों की कटाई का कोई प्रभाव पारिस्थितिक संतुलन पर नहीं पड़ता क्योंकि महासागर और वन सभी कार्बन को तुरंत अवशोषित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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