सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सी.सी.ई. (CCE) का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास का अंतिम परीक्षा के आधार पर आंकलन करना है, और यह सह-शैक्षणिक पक्षों के मूल्यांकन को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है।
- 2. पर्यावरण अध्ययन में सतत मूल्यांकन का तात्पर्य शिक्षण प्रक्रिया के दौरान निरंतर रूप से विद्यार्थियों की अवधारणाओं की समझ, उनकी भ्रांतियों (Misconceptions) और व्यावहारिक कौशलों का अवलोकन करना है।
- 3. व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत पर्यावरण के प्रति छात्रों के दृष्टिकोण, मूल्य, संवेदनशीलता (Sensitization towards environment) तथा उनके सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों का भी गुणात्मक आकलन शामिल होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास का आंकलन करना है। कथन 1 गलत है क्योंकि CCE केवल संज्ञानात्मक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सह-शैक्षणिक पक्षों (जैसे दृष्टिकोण, मूल्य, भावनाएं) का भी मूल्यांकन करता है। कथन 2 सही है क्योंकि सतत मूल्यांकन शिक्षण के दौरान निरंतर रूप से छात्रों की समझ और भ्रांतियों को परखने में मदद करता है। कथन 3 भी सही है क्योंकि व्यापक मूल्यांकन के तहत पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, नैतिक मूल्य और व्यावहारिक कौशलों का भी समावेश होता है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और मूल्यांकन के संदर्भ में…
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के उद्देश्यों और विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सी.सी.ई. (CCE) का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास का अंत में लिखित परीक्षा के माध्यम से आंकलन करना है, और इसमें सह-शैक्षणिक पक्षों (Co-scholastic domains) की उपेक्षा की जाती है।
2. पर्यावरण अध्ययन में सतत मूल्यांकन का तात्पर्य शिक्षण प्रक्रिया के दौरान निरंतर फीडबैक प्राप्त करना है, ताकि विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और कमजोरियों का निदान (Diagnosis) करके उपयुक्त उपचारारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) प्रदान किया जा सके।
3. व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत छात्र के व्यक्तिगत विकास, सामाजिक गुणों, पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण, सहकारिता और व्यावहारिक कौशलों का आकलन विभिन्न गुणात्मक और मात्रात्मक उपकरणों (जैसे पोर्टफोलियो, अवलोकन, अन anecdotes आदि) के माध्यम से किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) की विभिन्न अवस्थाओं और प्रक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्राथमिक अनुक्रमण' (Primary Succession) उस नग्न या बंजर क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवन या मिट्टी मौजूद नहीं होती है, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें, रेत के टीले या हिमनदों के पीछे हटने से बनी चट्टानें, और इस प्रक्रिया में सबसे पहले स्थापित होने वाले जीवों को 'पायनियर प्रजाति' (Pioneer Species) कहा जाता है।
2. 'द्वितीयक अनुक्रमण' (Secondary Succession) उस क्षेत्र में होता है जहाँ पहले से जीव-समुदाय मौजूद था लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे दावानल, बाढ़) या मानवीय हस्तक्षेप के कारण वह नष्ट हो गया हो, तथा यह प्रक्रिया प्राथमिक अनुक्रमण की तुलना में बहुत धीमी गति से आगे बढ़ती है क्योंकि इसमें मिट्टी के निर्माण में लंबा समय लगता है।
3. अनुक्रमण की अंतिम और स्थिर अवस्था को 'चरम समुदाय' (Climax Community) कहा जाता है, जो अपने पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में होती है और जब तक कोई बड़ी बाधा उत्पन्न न हो, यह अपरिवर्तित बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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