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जीन पियाजे
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वाइगोत्स्की के अनुसार, प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चे जो अपने कार्यों को निर्देशित करने के लिए उच्च स्वर में स्वयं से बातें करते हैं, वह उनके सामाजिक रूप से अनुकूली न होने का प्रमाण है और यह पियाजे के 'अहम केंद्रित भाषा' (Egocentric Speech) का ही दूसरा नाम है।
  2. 2. यह 'निजी वाक' आगे चलकर आंतरिक भाषण (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, जो बच्चों में उच्च मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions), आत्म-नियमन (Self-Regulation) और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  3. 3. जीन पियाजे का यह मानना था कि यह भाषण पूरी तरह से अर्थहीन और अपरिपक्व है, जो बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में कोई सकारात्मक योगदान नहीं देता है, जबकि वाइगोत्स्की इसके विपरीत यह मानते हैं कि भाषा और विचार की शुरुआत स्वतंत्र रूप से होती है और बाद में वे आपस में मिल जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि वाइगोत्स्की ने स्पष्ट रूप से पियाजे की इस धारणा का खंडन किया था कि 'निजी वाक' केवल 'अहम केंद्रित' (Egocentric) है। वाइगोत्स्की के अनुसार, यह बच्चों के आत्म-नियमन (Self-regulation) का साधन है और यह सामाजिक अंतःक्रिया से आंतरिक रूप में विकसित होता है। कथन 2 सही है; निजी वाक धीरे-धीरे आंतरिक भाषण (Inner Speech) में बदल जाता है जो उच्च मानसिक कार्यों को सुगम बनाता है। कथन 3 भी सही है; पियाजे का मानना था कि बच्चों की भाषा शुरुआती अवस्था में अहम केंद्रित होती है और उनके संज्ञानात्मक परिपक्व होने के साथ कम हो जाती है, तथा पियाजे के अनुसार भाषा और विचार की उत्पत्ति स्वतंत्र होती है (जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरू में अलग होते हैं, बाद में वे एक-दूसरे से मिल जाते हैं)। अतः सही विकल्प (c) है।
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