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संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,777 times
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
  2. 2. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और तार्किक रूप से सोचने की क्षमता प्राप्त कर लेता है, बशर्ते वे वस्तुएं उसकी प्रत्यक्ष दृष्टि या अनुभव (Concrete) के दायरे में हों।
  3. 3. औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-Deductive Reasoning) और वैज्ञानिक सोच की क्षमता का विकास होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में विकसित नहीं होता, बल्कि यह मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) की एक प्रमुख विशेषता है। पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के बच्चों में संरक्षण के अभाव के साथ-साथ 'केन्द्रीकरण' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) पाई जाती है। कथन 2 सत्य है, क्योंकि इस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं के संदर्भ में वर्गीकरण और उत्क्रमणीयता सीख जाता है। कथन 3 भी सत्य है, क्योंकि औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था में अमूर्त चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क विकसित होते हैं। अतः सही विकल्प (b) 'केवल 2 और 3' है।
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