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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)।
  2. 2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं।
  3. 3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है और लिंडेमैन के 10% नियम के अनुसार एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। कुल सौर ऊर्जा का लगभग 1% से 5% भाग पौधे प्रकाश संश्लेषण में उपयोग करते हैं। कथन 2 गलत है: 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत नाइट्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन और जल चक्र आते हैं, जबकि 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस, गंधक (Sulfur), कैल्सियम आदि चक्र आते हैं (यहाँ कथन में दोनों को विपरीत दिया गया है)। कथन 3 सही है: एक जलीय या तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र में जीवभार का पिरामिड हमेशा उल्टा (Inverted) होता है क्योंकि पादपप्लवक (Phytoplankton) का भार कम और मछलियों (उपभोक्ता) का भार अधिक होता है।
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