समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. समावेशी शिक्षा का अभिप्राय यह है कि विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य बालकों से पूर्ण रूप से पृथक करके एक विशेष आवासीय विद्यालय में रखा जाए, ताकि वे अपनी गति से सीख सकें।
- 2. 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) दोनों ही इस बात पर बल देते हैं कि कक्षा-कक्ष में विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा किसी भी बालक को उसकी शारीरिक या मानसिक अक्षमता के आधार पर विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
- 3. सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) और मूल्यांकन प्रणालियों में लचीलापन लाने की वकालत करता है ताकि सभी प्रकार के अधिगमकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) विशेष आवश्यकता वाले बालकों को सामान्य बालकों से पृथक करने के बजाय सामान्य विद्यालयों में एक साथ (बिना किसी भेदभाव के) शिक्षा देने पर जोर देती है। कथन 2 सही है, RTE Act 2009 और NCF-2005 दोनों ही कक्षाओं में विविधता का स्वागत करते हैं और समावेशी परिवेश को अनिवार्य बनाते हैं। कथन 3 सही है, सार्वभौमिक डिजाइन (UDL) का उद्देश्य सभी छात्रों के लिए सीखने की बाधाओं को दूर करना और लचीली शिक्षण पद्धतियाँ अपनाना है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के तहत निर्धारित पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणालियों का गहन शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्निहित बाल-केन्द्रित और समावेशी दर्शन को सबसे अधिक सटीक रूप से प्रतिबिंबित करता है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) और निशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत 6 से 18 वर्ष तक के सभी दिव्यांग बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वैधानिक प्रावधान किया गया है।
2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी वर्ग से हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, जिसमें 'विशिष्ट बालकों' के लिए विशेष विद्यालयों का पृथक्करण अनिवार्य रूप से पहले किया जाता है।
3. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) बाल-केन्द्रित शिक्षा और लचीले पाठ्यक्रम (Flexible Curriculum) की वकालत करती है ताकि विभिन्न योग्यताओं वाले छात्र बिना किसी बाधा के एक ही कक्षा में सीख सकें।
4. समावेशी कक्षा कक्ष में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का पालन करते हुए शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) और मूल्यांकन विधियों में आवश्यक संशोधन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के विशेष संदर्भ में, 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005' (NCF 2005) तथा 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009' (RTE Act 2009) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए किस विशिष्ट शैक्षिक उपागम (Educational Approach) की वकालत की गई है, जो उनके संज्ञानात्मक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को एक साथ सुनिश्चित करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की वैधानिक धाराओं का गहन विश्लेषण करने पर, बाल-केन्द्रित शिक्षा, ज्ञान के निर्माण, मूल्यांकन प्रणालियों और समावेशी शिक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं तात्विक रूप से सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का मुख्य शैक्षणिक सिद्धांत निम्नलिखित में से किस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक माना जाता है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए 'विशिष्ट शिक्षा' (Special Education) और 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) से किस मुख्य दार्शनिक और संरचनात्मक बिंदु पर भिन्नता पाई जाती है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, और इसके लिए सामान्य पाठ्यचर्या या शिक्षण विधियों में किसी भी प्रकार के लचीलेपन या अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है।
2. 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए बहुविध प्रस्तुतिकरण (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के प्रावधान पर बल देता है।
3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से वंचित बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा के लिए 'समान अवसर' और 'विशेष सहायता' दोनों की वकालत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत 'दिव्यांग बच्चों की शिक्षा' एवं 'सक्षम भारत' की परिकल्पना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुसार, 'दिव्यांग बच्चों' (Children with Disabilities - CWD) के लिए स्कूली शिक्षा के अधिकार को 3 वर्ष से 18 वर्ष की आयु तक के सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बनाने का विशेष प्रावधान किया गया है।
2. NEP 2020 में यह संस्तुति की गई है कि प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए केवल गैर-आवासीय विशेष विद्यालयों को ही बढ़ावा दिया जाएगा और सामान्य विद्यालयों में विशेष बुनियादी ढांचे (Barrier-free Infrastructure) का निर्माण पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा।
3. 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) के अंतर्गत समावेशी शिक्षा के घटकों के तहत दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण (Assistive Devices), पाठ्यपुस्तकें और स्टाइपेन्ड (Stipend) जैसी वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है ताकि उनके ठहराव (Retention) को सुनिश्चित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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