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शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ
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ब्रिटिश भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली के विकास के क्रम में, वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस आयोग का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch) के बाद से देश में प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था।
  2. 2. आयोग ने यह सिफारिश की थी कि प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण और वित्तपोषण पूरी तरह से स्थानीय निकायों (Local Bodies) और जिला बोर्डों को सौंप दिया जाना चाहिए।
  3. 3. हंटर आयोग ने महिलाओं की शिक्षा (Female Education) की उपेक्षा पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए देश में बालिका शिक्षा के विस्तार के लिए विशेष छात्रवृत्तियों और विद्यालयों की स्थापना पर जोर दिया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

ब्रिटिश भारत में शिक्षा के विकास के इतिहास में वर्ष 1882 में लॉर्ड रिपन द्वारा 'भारतीय शिक्षा आयोग' (जिसे हंटर आयोग के नाम से जाना जाता है) का गठन किया गया था। इस आयोग के संबंध में दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। इस आयोग ने प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) को राज्य के बजाय स्थानीय बोर्डों और नगर पालिकाओं के नियंत्रण में सौंपने की सिफारिश की थी, ताकि जनसाधारण तक शिक्षा का प्रसार किया जा सके। इसके साथ ही, आयोग ने माध्यमिक शिक्षा में साहित्यिक और व्यावसायिक (Vocational) दोनों धाराओं को बढ़ावा देने तथा देश में महिला शिक्षा की बदतर स्थिति पर गंभीर रुख अपनाते हुए महिला विद्यालयों के प्रसार की जोरदार वकालत की थी। ऐसी ही महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों और परीक्षा-उन्मुख प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।

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