रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत
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सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी व्यापारिक नीतियों और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) थी, जिसने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी और उन्होंने भारतीय वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख वस्तु बनाया।
- 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (Royal Charter) के माध्यम से केवल 15 वर्षों के लिए पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम द्वारा 1609 में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
- 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना जीन-बैप्टिस्ट कोल्बर्ट की प्रेरणा से 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसीसी कंपनी की पहली फैक्ट्री स्थापित की थी।
- 4. डेनिश (डेनमार्क) ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1620 में तंजौर जिले के ट्रेंक्यूबार (Tranquebar) में स्थापित की थी, किंतु वे भारत में अपने व्यापारिक प्रभाव को अधिक समय तक स्थायित्व नहीं दे पाए और अंततः अपनी सभी फैक्ट्रियों को अंग्रेजों को बेचकर स्वदेश लौट गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सत्रहवीं शताब्दी की शुरुआत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों का भारत आगमन व्यापारिक प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ के साथ शुरू हुआ था। डचों ने 1605 में मसूलीपट्टनम में फैक्ट्री लगाई, ब्रिटिश कंपनी को 1600 के चार्टर द्वारा प्रारंभिक 15 वर्षों का एकाधिकार मिला जिसे बाद में जेम्स प्रथम ने अनिश्चितकाल के लिए विस्तारित किया, फ्रांसीसियों ने 1664 में कोल्बर्ट के प्रयासों से कंपनी स्थापित कर 1668 में सूरत में पहली फैक्ट्री खोली, और डेनिशों ने 1620 में ट्रेंक्यूबार में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी। ऐसी ही बेहतरीन अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के एक्सरूरियल मोटर कॉर्टेक्स' (Exrorial Motor Cortex / Motor Strip - हाथ की सूक्ष्म मांसपेशियों का नियंत्रण), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia - मोटर कौशल का क्रमांकन और स्वचालित लेखन), तथा 'सेरिबैलम' (Cerebellum - हस्त-नेत्र समन्वय और लेखन लयबद्धता) के बीच न्यूरो-मस्कुलर समन्वय विफलता, दृश्य-स्थानिक और गतिज एकीकरण (Visuo-Motor Integration) में बाधा की सक्रियण गतिकी, तथा अलेक्जेंडर लुरिया के 'कार्यात्मक मस्तिष्क इकाइयों' (Functional Units of Brain) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में ग्राफिक प्रतीक निर्माण, सूक्ष्म पेशीय समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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