शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1854 के 'वुड के डिस्पैच' (Wood's Despatch) को भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, जिसके तहत लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई थी और महिला शिक्षा पर विशेष बल दिया गया था।
- 2. लॉर्ड कर्zan के शासनकाल में पारित 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना और सीनेट के सदस्यों की संख्या को कम करके उसमें सरकारी नामांकित सदस्यों का बहुमत स्थापित करना था।
- 3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर विश्वविद्यालय आयोग' (Calcutta University Commission) ने माध्यमिक शिक्षा के सुधार के बाद इंटरमीडिएट कक्षाओं को विश्वविद्यालयों से अलग करने और स्कूली शिक्षा को 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी।
- 4. वर्धा योजना (Wardha Scheme of Basic Education, 1937), जिसे जाकिर हुसैन समिति द्वारा तैयार किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान करना और औद्योगिक तकनीकी प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1854 का वुड डिस्पैच, 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम और 1917 का सैडलर आयोग भारतीय शिक्षा के इतिहास के महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि वर्ष 1937 की वर्धा योजना (बुनियादी शिक्षा) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना और हस्तकला (कौशल प्रशिक्षण) पर आधारित शिक्षा देना था, न कि अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा देना। परीक्षा की विस्तृत तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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प्राचीन एवं आधुनिक भारत में शिक्षा के विकास, प्रमुख आयोगों…
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और उससे संबंधित ऐतिहासिक अधिनियमों तथा आयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 का 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे भारत में 'शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी तथा महिला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष बल दिया था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने स्थानीय निकायों (Municipalities and District Boards) को प्राथमिक शिक्षा के नियंत्रण और वित्तपोषण का उत्तरदायित्व सौंपने की संस्तुति की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act) को लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में सीनेट के सदस्यों की संख्या बढ़ाना और उन्हें लोकतांत्रिक स्वरूप प्रदान करना था ताकि उच्च शिक्षा में अधिक स्वायत्तता मिल सके।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जिसे 'युद्धोत्तर शिक्षा विकास की योजना' भी कहा जाता है, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने तथा आगामी 40 वर्षों में ब्रिटिश भारत जैसी साक्षरता दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग - 1882) और ब्रिटिश काल में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हंटर आयोग (1882) की अध्यक्षता सर विलियम विल्सन हंटर द्वारा की गई थी, जिसे विशेष रूप से भारत में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करने और इसके प्रसार एवं सुधार के लिए सुझाव देने हेतु नियुक्त किया गया था.
2. इस आयोग ने सिफारिश की थी कि प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण और प्रबंधन पूरी तरह से जिला बोर्डों तथा नगर पालिकाओं (स्थानीय निकायों) को सौंप दिया जाना चाहिए तथा इसके वित्तपोषण के लिए स्थानीय कराधान (Local Taxation) की व्यवस्था की जानी चाहिए.
3. हंटर आयोग ने माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में 'द्वि-मुखी नीति' (Two-track policy) की शुरुआत की, जिसके तहत माध्यमिक विद्यालयों को दो श्रेणियों में बांटा गया: एक वह जो विश्वविद्यालय प्रवेश के लिए साहित्यिक शिक्षा देते थे, और दूसरी वह जो व्यावहारिक, व्यावसायिक और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करते थे.
4. इस आयोग की सिफारिशों के परिणामस्वरूप महिलाओं की शिक्षा (स्त्री शिक्षा) की उपेक्षा की गई और इसने देश भर में बालिका विद्यालयों को दी जाने वाली सरकारी आर्थिक सहायता को पूरी तरह से बंद करने की वकालत की थी.
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक कालीन शैक्षिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 में चार्ल्स वुड (वुड्स डिस्पैच) द्वारा प्रस्तुत शिक्षा पर प्रेषित पत्र को 'भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, जिसके तहत लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की गई थी।
2. लॉर्ड कर्जन के शासनकाल में वर्ष 1902 में थॉमस रैले की अध्यक्षता में 'विश्वविद्यालय आयोग' (University Commission) का गठन किया गया, जिसकी सिफारिशों के आधार पर 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904' पारित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना था।
3. ब्रिटिश भारत में शिक्षा के प्रसार के लिए हंटर आयोग (1882) की नियुक्ति की गई थी, जिसने मुख्य रूप से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विकास पर बल दिया तथा प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण स्थानीय निकायों (Municipalities and District Boards) को सौंपने की संस्तुति की।
4. वर्धा योजना (या बुनियादी तालीम), जिसे 1937 में महात्मा गांधी के विचारों के आधार पर तैयार किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा प्रदान करना और छात्रों को यूरोपीय उद्योगों में रोजगार के लिए प्रशिक्षित करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित समितियों और आयोगों तथा उनके मुख्य योगदानों पर विचार कीजिए:
1. राधाकृष्णन आयोग (1948-49), जिसे विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग भी कहा जाता है, ने उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग' (UGC) के गठन की सिफारिश की थी।
2. मुदलियार आयोग (1952-53), जिसे माध्यमिक शिक्षा आयोग के रूप में जाना जाता है, ने माध्यमिक स्तर पर बहुउद्देशीय विद्यालयों (Multipurpose Schools) की स्थापना और उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम में विविधता लाने पर बल दिया था।
3. कोठारी आयोग (1964-66), जिसकी अध्यक्षता डॉ. डी.एस. कोठारी ने की थी, ने देश में '10+2+3' शिक्षा संरचना का सुझाव दिया और जीडीपी का कम से कम 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने की बात कही थी।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP, 1986) ने 'ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड' योजना की शुरुआत की थी जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक भौतिक सुविधाओं और शिक्षण उपकरणों को सुलभ कराना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग - 1882) की सिफारिशों और उसके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हंटर आयोग ने प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) के प्रसार, सुधार और इसके स्थानीय नियंत्रण पर विशेष बल दिया तथा प्राथमिक शिक्षा का उत्तरदायित्व जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं (Local Boards and Municipalities) को सौंपे जाने की संस्तुति की थी।
2. आयोग ने यह संस्तुति की थी कि उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से सरकारी अनुदान धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए और इसे पूरी तरह से निजी स्रोतों और शुल्क पर आधारित कर देना चाहिए।
3. हंटर आयोग की सिफारिशों के फलस्वरूप पंजाब विश्वविद्यालय (1882) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1887) की स्थापना की गई थी, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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