सृजनशीलता (Creativity)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,553 times
पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) तथा ज्वालामुखी एवं भूकंपीय घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले लावा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक विस्फोटक उद्गार होते हैं, जैसे हवाई-तुल्य (Hawaiian) ज्वालामुखी जो सबसे अधिक विस्फोटक होते हैं।
- 2. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड (Liquid Outer Core) से गुजरने पर लुप्त हो जाती हैं।
- 3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
- 4. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिसका मुख्य कारण पैसिफिक प्लेट का अन्य महाद्वीपीय प्लेटों के साथ अभिसरण (Convergent Boundary) होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि हवाई-तुल्य (Hawaiian type) ज्वालामुखी उद्गार बहुत शांत होते हैं क्योंकि उनमें बेसिक या क्षारीय लावा निकलता है जिसमें सिलिका की मात्रा कम होती है और चिपचिपाहट न्यूनतम होती है। इसके विपरीत, स्ट्रॉम्बोली या वुलकेनो तुल्य ज्वालामुखी अत्यधिक अम्लीय और विस्फोटक होते हैं। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। S-तरंगें तरल माध्यम से नहीं गुजर सकतीं और आउटर कोर में विलुप्त हो जाती हैं। रिएक्टर पैमाना लॉगरिदमिक होता है और रिंग ऑफ़ फायर अभिसारी सीमाओं पर स्थित है। इस प्रकार की उच्च स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी.…
← पिछला प्रश्न
एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'सृजनात्मक चिंतन'…
Related Questions
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'फॉर्मेटिव असेसमेंट' (रचनात्मक मूल्यांकन - FA) का मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच मूलभूत अंतर को स्पष्ट करने वाला सबसे सही विश्लेषणात्मक विकल्प कौन सा है?
→
रिचर्ड आर्थर और जे. पी. गिल Guilford (J. P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अभिसारी चिंतन बनाम अपसारी चिंतन' (Convergent Thinking vs. Divergent Thinking)—जिसे उन दो भिन्न बौद्धिक प्रक्रियाओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अभिसारी चिंतन के अंतर्गत किसी दी गई समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध तथ्यों और तर्कों को संकुचित करके एकमात्र सही या पारंपरिक निष्कर्ष तक पहुँचा जाता है, जबकि अपसारी चिंतन के अंतर्गत एक ही खुली समस्या के संदर्भ में अनगिनत, मौलिक, और विभिन्न दिशाओं में नए विचारों या विकल्पों का सृजन किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बौद्धिक बहुलता और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और परिणामों (Products)—के आधार पर वर्गीकृत किया है। यदि इस त्रि-विमीय मॉडल के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए अपनी स्मृति, संज्ञान और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) का उपयोग करते हुए किसी निश्चित विषय-वस्तु (जैसे प्रतीकात्मक या व्यवहारपरक) से एक नया, मौलिक और बहुआयामी परिणाम उत्पन्न करता है, तो गिलफोर्ड के इस सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार निर्मित होने वाले कुल कारकों (Factors) की प्रारंभिक एवं संशोधित कुल संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च अधिगम प्रकार—यानी 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning - प्रकार 8) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (नियम अधिगम) का उपयोग करते हुए एक नई, जटिल और अभूतपूर्व स्थिति में आंतरिक वैचारिक नियमों का सृजन या संयोजन करके किसी अनसुलझी समस्या का तार्किक, सृजनात्मक और मौलिक समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक अंतर्दृष्टि और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'सृजनात्मक चिंतन और पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'सिक्स थिंकिंग हैट्स' (Six Thinking Hats) पद्धति में 'हरी टोपी' (Green Hat) की अवधारणा—जिसके तहत तार्किक आलोचना या नकारात्मकता से परे पूरी तरह से नए विचारों, सृजनात्मक विकल्पों, संभावनाओं और अपरंपरागत दृष्टिकोणों को उत्पन्न करने पर बल दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मौलिक सृजन, समस्या-समाधान के वैकल्पिक मार्गों और अभिनव चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.