सृजनशीलता (Creativity)
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बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और परिणामों (Products)—के आधार पर वर्गीकृत किया है। यदि इस त्रि-विमीय मॉडल के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए अपनी स्मृति, संज्ञान और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) का उपयोग करते हुए किसी निश्चित विषय-वस्तु (जैसे प्रतीकात्मक या व्यवहारपरक) से एक नया, मौलिक और बहुआयामी परिणाम उत्पन्न करता है, तो गिलफोर्ड के इस सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार निर्मित होने वाले कुल कारकों (Factors) की प्रारंभिक एवं संशोधित कुल संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि का 'त्रि-आयामी सिद्धांत' या 'बुद्धि संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) प्रतिपादित किया था। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि तीन आयामों का एक घन (Cube) है: संक्रियाएँ (Operations - 5 प्रकार), विषय-वस्तु (Contents - 4 प्रकार, जिसे बाद में 5 किया गया), और परिणाम (Products - 6 प्रकार)। प्रारंभिक रूप से $5 \times 4 \times 6 = 120$ कारक बने, जिन्हें संशोधनों के पश्चात क्रमशः 150 और अंततः 180 कारकों तक विस्तारित किया गया। यह सिद्धांत विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) और सृजनात्मकता के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया और उत्तेजना सामान्यीकरण' (Conditioned Response and Stimulus Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एग्गडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच भय संघनन, भावनात्मक स्मृति और संकेत-पुरस्कार पूर्वानुमान (Cue-Reward Expectancy) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन बी. वाटसन (John B. Watson) द्वारा प्रतिपादित 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग' (Emotional Conditioning in Behaviorism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यवस्थित असंवेदीकरण और सुरक्षित वातावरण शिक्षाशास्त्र (Safe Environment Pedagogy) और विद्यार्थियों में चिंता न्यूनीकरण, सकारात्मक वातानुकूलन व समग्र भावनात्मक स्थिरता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और बाद में आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित एवं दो-स्तरीय मॉडल' (Level I and Level II Intelligence Model) के अंतर्गत—जहाँ लेवल I (Level I) साहचर्य अधिगम (Associative Learning) को संदर्भित करता है जिसमें अल्पकालिक स्मृति, रटकर याद रखना और अनुवर्ती अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं, तथा लेवल II (Level II) संज्ञानात्मक और वैचारिक कौशल (Cognitive and Conceptual Skills) को संदर्भित करता है जिसमें अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और उच्च-स्तरीय प्रतीकात्मक प्रसंस्करण सम्मिलित होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और संज्ञानात्मक पदानुक्रम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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'अधिगम वक्र' (Learning Curves) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'स्मृति और विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एंटोरहिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), ट्रेस्ड डीके (Trace Decay) और दीर्घकालिक स्मृति रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार' (Plateau of Learning) के फिजियोलॉजिकल लिमिट और प्रेरणा पतन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पेaced रिपीटिशन (Spaced Repetition) शिक्षाशास्त्र और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक सहनशक्ति, स्मृति संधारण (Memory Retention) व समग्र कौशल प्रवाह के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बुद्धि की संरचना (Structure of Intellect - SOI) के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) मॉडल का प्रतिपादन जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा किया गया था, जिन्होंने मानसिक क्षमताओं को तीन स्वतंत्र आयामों - विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products) में वर्गीकृत किया है।
2. गिलफोर्ड के प्रारंभिक मॉडल के अनुसार, बुद्धि कुल 4×5×6 = 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों (Factors) से मिलकर बनी थी, जिसे बाद में संशोधित करके कुल 150 और अंततः 180 कारकों तक विस्तारित किया गया।
3. इस सिद्धांत के अंतर्गत 'विषय-वस्तु' (Contents) आयाम के भीतर सांकेतिक (Symbolic), प्रतीकात्मक, व्यवहारपरक (Behavioral) और आकृतिक (Figural) जैसी मानसिक सामग्रियां शामिल होती हैं, जिन पर मस्तिष्क की संक्रियाएँ कार्य करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड ने अपने मॉडल में संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के वर्गीकरण को प्रस्तुत किया है। यदि इस सिद्धांत के अंतर्गत 'संक्रिया' (Operations) आयाम का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए, तो गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित पाँच संक्रियात्मक श्रेणियों—मूल्यांकन, अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking), अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), स्मृति और संज्ञान—में से 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) और 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) का तात्विक स्वरूप मानसिक क्षमताओं के किस विशिष्ट संज्ञानात्मक प्रक्रम को सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित करता है?
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पाउल टोरेन्स (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मकता के सिद्धांत' (Theory of Creativity) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सृजनात्मक चिंतन के आयाम: लचीलापन और मौलिकता' (Dimensions of Creative Thinking: Flexibility and Originality)—जिसे उन दो विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमताओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनके अंतर्गत 'लचीलापन' (Flexibility) किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोणों से सोचने की क्षमता को दर्शाता है, जबकि 'मौलिकता' (Originality) विचारों की अनूठापन, दुर्लभता और लीक से हटकर कुछ नवीन उत्पन्न करने की शक्ति को इंगित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के Divergent Thinking (अपसारी चिंतन), समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित घन मॉडल (Cube Model) में मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण के मूल आयामों—संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पाद (Products)—का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह निष्कर्ष निकालता है कि इस सिद्धांत के प्रारंभिक संस्करण में संक्रियाओं के 5, विषय-वस्तुओं के 4 और उत्पादों के 6 श्रेणियों के गुणनफल से कुल 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों का निर्माण होता है (जिन्हें बाद के संशोधनों में बढ़ाकर 150 और फिर 180 किया गया), तथा इसमें अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) दोनों को संक्रिया आयाम के अंतर्गत अलग-अलग स्थान दिया गया है, तो गिलफोर्ड के इस बुद्धि प्रतिमान के तात्विक और संरचनात्मक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) तथा ज्वालामुखी एवं भूकंपीय घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले लावा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, वह उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होता है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक विस्फोटक उद्गार होते हैं, जैसे हवाई-तुल्य (Hawaiian) ज्वालामुखी जो सबसे अधिक विस्फोटक होते हैं।
2. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों में प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड (Liquid Outer Core) से गुजरने पर लुप्त हो जाती हैं।
3. 'रिएक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप की ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक आयाम और लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
4. प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिसका मुख्य कारण पैसिफिक प्लेट का अन्य महाद्वीपीय प्लेटों के साथ अभिसरण (Convergent Boundary) होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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