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शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वुड का डिस्पेच (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने जन-साधारण की शिक्षा के प्रसार को सरकार का कर्तव्य माना और महिलाओं की शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया, जिसके परिणामस्वरूप कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की नींव पड़ी।
  2. 2. लॉर्ड मैकाले का मिनट (1835) अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली का प्रबल समर्थक था, जिसका मुख्य उद्देश्य 'निस्यंदन सिद्धांत' (Downward Filtration Theory) के माध्यम से समाज के उच्च वर्ग को शिक्षित करना था ताकि वे ऐसे लोग तैयार कर सकें जो 'रंग और नस्ल से भारतीय हों, किंतु विचारों, रुचियों और नैतिकता से अंग्रेज हों'।
  3. 3. हंटर शिक्षा आयोग (Hunter Commission, 1882) की नियुक्ति प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा के लिए की गई थी, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण नवनिर्मित जिला और नगरपालिका बोर्डों को सौंपने की सिफारिश की थी।
  4. 4. सैडलर विश्वविद्यालय आयोग (Sadler Commission, 1917-19) ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं का अध्ययन करने के साथ-साथ स्कूली शिक्षा को 12 वर्ष का करने, इंटरमीडिएट कक्षाओं को अलग करने और विश्वविद्यालयों में अकादमिक स्वतंत्रता पर विशेष जोर दिया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास का इतिहास औपनिवेशिक काल के विभिन्न आयोगों और अधिनियमों से जुड़ा है। वुड का डिस्पेच (1854) ने शिक्षा के प्रसार, महिला शिक्षा और विश्वविद्यालयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। मैकाले मिनट (1835) ने अंग्रेजी माध्यम को अनिवार्य बनाया और निस्यंदन सिद्धांत का समर्थन किया। हंटर आयोग (1882) ने प्राथमिक शिक्षा के विकेंद्रीकरण की वकालत की, जबकि सैडलर आयोग (1917-19) ने स्कूली शिक्षा प्रणाली (10+2 ढांचे की शुरुआती अवधारणा) और माध्यमिक शिक्षा में सुधार के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। परीक्षा की ऐसी ही उच्च स्तरीय और विस्तृत तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।

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→ भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था। 2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी। 3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया। 4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 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