शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
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इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में, जब एक अनुकूलित उद्दीपक (Conditioned Stimulus) को बिना अनूकूलित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के बार-बार प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुकूलित अनुक्रिया (Conditioned Response) का धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो जाना क्या कहलाता है और यह घटना पावलव के किस अन्य प्रयोगगत प्रक्रम से भिन्न है?
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Detailed Explanation
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत के अनुसार, जब भोजन (Unconditioned Stimulus) के बिना केवल घंटी (Conditioned Stimulus) को बार-बार बजाया जाता है, तो कुत्ते की लार टपकाने की अनुक्रिया (Conditioned Response) धीरे-धीरे कम होकर लुप्त हो जाती है, जिसे 'विलोपन' (Extinction) कहते हैं। इसके विपरीत, कुछ समय के अंतराल के बाद बिना किसी प्रशिक्षण के अचानक पुनः अनुक्रिया का प्रकट होना विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'स्वतः पुनःप्रवृत्ति' (Spontaneous Recovery) कहलाता है।
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शैक्षणिक मनोविज्ञान में अधिगम के सिद्धांतों के अंतर्गत, इवान पावलव के…
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इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में, जब एक अनुबंधित उद्दीपक (CS) को बार-बार बिना अननुबंधित उद्दीपक (UCS) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया (CR) का धीरे-धीरे कमजोर होना या विलुप्त हो जाना क्या कहलाता है, और इसके बाद अचानक कुछ समय के अंतराल के बाद अनुक्रिया का पुनः प्रकट होना किस मनोवैज्ञानिक परिघटना को दर्शाता है?
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विलोपन और स्वतः पुनरावृत्ति' (Extinction and Spontaneous Recovery)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अस्वाभाविक उद्दीपक (CS) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (UCS) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया (CR) धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाती है (विलोपन), परंतु कुछ समय का विश्राम देने के बाद वही अनुक्रिया बिना किसी नए प्रशिक्षण के पुनः प्रकट हो जाती है (स्वतः पुनरावृत्ति)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आदत संशोधन, भय निवारण और अनिष्टकर अनुक्रियाओं के परिमार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विलोपन और स्वतः पुनरावृत्ति' (Extinction and Spontaneous Recovery)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अस्वाभाविक उद्दीपक (CS) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (UCS) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया (CR) धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाती है, परंतु कुछ समय का अंतराल देने के बाद अचानक वही अनुक्रिया बिना किसी नए प्रशिक्षण के पुनः प्रकट हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आदत संशोधन, पुरानी दुर्भावनाओं या भय के निवारण और अधिगम के स्थायित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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