शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 3,903 times
इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विलोपन और स्वतः पुनरावृत्ति' (Extinction and Spontaneous Recovery)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अस्वाभाविक उद्दीपक (CS) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (UCS) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया (CR) धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाती है (विलोपन), परंतु कुछ समय का विश्राम देने के बाद वही अनुक्रिया बिना किसी नए प्रशिक्षण के पुनः प्रकट हो जाती है (स्वतः पुनरावृत्ति)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आदत संशोधन, भय निवारण और अनिष्टकर अनुक्रियाओं के परिमार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) में 'विलोपन' (Extinction) का अर्थ यह है कि जब बार-बार केवल अस्वाभाविक उद्दीपक (जैसे घंटी) को स्वाभाविक उद्दीपक (जैसे भोजन) के बिना बजाया जाता है, तो लार आना (CR) बंद हो जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि पुराना संबंध पूरी तरह मिट गया है। कुछ समय के विश्राम के बाद जब घंटी बजाई जाती है, तो अनुक्रिया फिर से प्रकट हो जाती है जिसे 'स्वतः पुनरावृत्ति' (Spontaneous Recovery) कहते हैं। यह इस बात को प्रमाणित करता है कि अधिगम मार्ग पूरी तरह विलोपित नहीं होते बल्कि केवल दबी अवस्था में रहते हैं। MPTET परीक्षा के दृष्टिकोण से यह संप्रत्यय शिक्षकों को यह सिखाता है कि विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों या भय को हटाने के लिए केवल एक बार विलोपन पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर और सुविचारित शैक्षिक रणनीतियों की आवश्यकता होती है।
अगला प्रश्न →
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत'…
Related Questions
→
पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया और उत्तेजना सामान्यीकरण' (Conditioned Response and Stimulus Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एग्गडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच भय संघनन, भावनात्मक स्मृति और संकेत-पुरस्कार पूर्वानुमान (Cue-Reward Expectancy) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन बी. वाटसन (John B. Watson) द्वारा प्रतिपादित 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग' (Emotional Conditioning in Behaviorism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यवस्थित असंवेदीकरण और सुरक्षित वातावरण शिक्षाशास्त्र (Safe Environment Pedagogy) और विद्यार्थियों में चिंता न्यूनीकरण, सकारात्मक वातानुकूलन व समग्र भावनात्मक स्थिरता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—'विलोपन या क्षय' (Extinction)—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को बिना अननुबंधित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के बार-बार प्रस्तुत किए जाने पर अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कम होने लगती है और अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के शमन, आदत में सुधार और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अधिगम के क्षेत्र में इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के मध्य के तात्विक और सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के बीच के सबसे महत्वपूर्ण और मौलिक अंतर को रेखांकित करता है?
→
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में, जब एक अनुकूलित उद्दीपक (Conditioned Stimulus) को बिना अनूकूलित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के बार-बार प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुकूलित अनुक्रिया (Conditioned Response) का धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो जाना क्या कहलाता है और यह घटना पावलव के किस अन्य प्रयोगगत प्रक्रम से भिन्न है?
→
शैक्षणिक मनोविज्ञान में अधिगम के सिद्धांतों के अंतर्गत, इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) सिद्धांत में उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization) और उद्दीपक विभेदन (Stimulus Discrimination) की अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और तार्किक है?
→
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map)—जिसे उस आंतरिक मानसिक प्रतिनिधित्व (Internal Mental Representation) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो कोई जीव अपने पर्यावरण, स्थानिक लेआउट और उद्दीपकों के बीच के स्थानिक संबंधों को समझते हुए अपने मस्तिष्क में निर्मित करता है, ताकि वह किसी लक्ष्य तक पहुँचने के लिए केवल यांत्रिक आदतों के बजाय समग्र और लचीले मार्गों का चयन कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, समस्या-समाधान रणनीतियों और वैचारिक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.