संज्ञानात्मक विकास
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों मानसिक क्षमताओं के बीच के विकासात्मक संक्रमण (Developmental Transition) को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage) में बालक 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) से ग्रसित होता है, जिसका अर्थ है कि वह केवल अपने दृष्टिकोण से दुनिया को देखता है और दूसरों के परिप्रेक्ष्य को समझने में असमर्थ होता है। इसके साथ ही उसमें 'केन्द्रण' (Centration) की प्रवृत्ति होती है, जिससे वह किसी समस्या या वस्तु के केवल एक ही पहलू पर ध्यान दे पाता है। इसके विपरीत, मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) तक पहुँचते-पहुँचते बालक में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह किसी वस्तु के कई पहलुओं (जैसे लंबाई, चौड़ाई और आयतन) को एक साथ ध्यान में रख सकता है और दूसरों के दृष्टिकोण को भी समझ सकता है। विकिपीडिया संदर्भ
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