थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,316 times
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक और क्रियात्मक अंतरों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा सही अनुक्रिया करने पर तुरंत प्रबलन (Reinforcement) या पुरस्कार प्रदान करता है ताकि उस वांछित व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ जाए, और साथ ही यह भी ध्यान रखता है कि सीखने की प्रक्रिया में संतोष और असंतोष के नियम (Law of Effect) की क्या भूमिका है, तो इन दोनों अधिगम सिद्धांतों की मूलभूत मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थार्नडाइक के अनुसार अधिगम 'प्रयास और त्रुटि' द्वारा होता है जिसमें 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) बहुत महत्वपूर्ण है, जबकि स्किनर ने 'क्रियापूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के अंतर्गत पुनर्बलन (Reinforcement) और व्यवहार के परिणामों पर विशेष जोर दिया। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law…
← पिछला प्रश्न
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांतों के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) संबंधों के संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और अधिगम प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भूमिका को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) तथा इवान पावलव व बी.एफ. स्किनर के अनुबंधन सिद्धांतों के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के अभ्यास के नियम के अंतर्गत आने वाले 'उपयोग के नियम' (Law of Use) और 'अनुपयोग के नियम' (Law of Disuse) की गत्यात्मकता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धवाद या प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—जिसे उस मूलभूत मनोवैज्ञानिक नियम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अनुसार यदि किसी अनुक्रिया (Response) के पश्चात संतोषजनक, सुखद या सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं, तो उस उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया के बीच का बंधन या संयोजन मजबूत हो जाता है, जबकि असंतोषजनक या दंडात्मक परिणाम मिलने पर वह संबंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुदृढ़ीकरण, संतोषजनक अनुक्रियाओं के चयन और स्थायी अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) के अंतर्गत 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इन नियमों की आंतरिक कार्यप्रणाली और उनके शैक्षिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियमों—तत्परता का नियम (Law of Readiness), अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा उनके गौण नियमों के अंतर्गत 'सहचर्यात्मक स्थानांतरण का नियम' (Law of Associative Shifting) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन नियमों की वास्तविक अधिगम गतिकी को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.