विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,476 times
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'विकास के विभिन्न सिद्धांतों' (Principles of Development) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यह स्पष्ट होता है कि विकास की प्रक्रिया एक निश्चित दिशा और क्रम का अनुसरण करती है। यदि हम 'मस्तकोधूममुखी विकास' (Cephalocaudal Sequence) और 'निकट-दूर विकास' (Proximodistal Trend) इन दोनों प्रमुख दिशात्मक नियमों का तुलनात्मक अध्ययन करें, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की वास्तविक तात्विक और शारीरिक-क्रियात्मक गतिकी को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में 'मस्तकोधूममुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) दोनों ही विकास की दिशा (Direction) को तय करने वाले सर्वप्रमुख सिद्धांत हैं। मस्तकोधूममुखी सिद्धांत के अनुसार शारीरिक नियंत्रण और विकास हमेशा सिर से शुरू होकर पैर की दिशा में आगे बढ़ता है (उदाहरणार्थ, शिशु पहले सिर संभालना सीखता है और बाद में पैरों पर खड़ा होना)। वहीं, निकट-दूर सिद्धांत के अनुसार विकास शरीर के मध्य भाग या धड़ (Axis/Center) से शुरू होकर बाहर की ओर यानी हाथों और उंगलियों (Periphery) की तरफ बढ़ता है। इस प्रकार, बच्चा पहले अपनी केंद्रीय मांसपेशियों पर नियंत्रण हासिल करता है और अंत में उंगलियों के सूक्ष्म संचालन (Fine Motor Skills) में परिपक्वता प्राप्त करता है। विकास की इन बुनियादी अवधारणाओं के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पर जा सकते हैं।
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बाल विकास के अध्ययन में 'विकास के सामान्य से विशिष्ट की ओर के सिद्धांत'…
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Related Questions
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की तात्विक, मात्रात्मक एवं गुणात्मक संकल्पनाओं का गहन विश्लेषण करने पर, तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों जैसे 'समीप-दूराभिमुख विकास' (Proximodistal Trend), 'मस्तकोधोमुखी विकास' (Cephalocaudal Trend) और 'एकीकरण का सिद्धांत' (Principle of Integration) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की तात्विक संकल्पनाओं, उनके गुणात्मक व मात्रात्मक स्वरूप, तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों—जैसे 'मस्तकोधोमुखी सिद्धांत' (Cephalocaudal Trend), 'समीप-दूराभिमुख सिद्धांत' (Proximodistal Trend), और 'वर्तुलकार प्रगति का सिद्धांत' (Spiral Advancement)—का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) के द्वितीय चरण यानी 'प्राधिकरण और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order-Maintaining Orientation - Stage 4) तथा 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-Conventional Level) के प्रथम चरण 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation - Stage 5) के मध्य तात्विक और दार्शनिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, कानून और नियमों के पालन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Trend)—विशेष रूप से 'मस्तकोधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियों—तथा 'विकास की एकरूपता' और 'एकीकरण के सिद्धांत' (Principle of Integration) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक अपने शरीर के अंगों पर नियंत्रण स्थापित करने से पहले संपूर्ण शरीर की अनियंत्रित गतियां करता है और तत्पश्चात विशिष्ट अंगों व मांसपेशियों का एकीकृत उपयोग सीखता है, तो बाल विकास के इन मौलिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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बच्चे के विकास का 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) सिद्धांत क्या कहता है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों और विकासात्मक आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विकास की प्रक्रिया सिर से पैर की दिशा (मस्तकोधोमुख विकास - Cephalocaudal Trend) और शरीर के केंद्र से परिधि की ओर (समीपदूराभिमुख विकास - Proximodistal Trend) दोनों नियमों का एक साथ अनुसरण करती है।
2. एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बाल्यावस्था (School Age) के दौरान 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) का संकट उत्पन्न होता है, जहाँ बालक अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन करके समाज में निपुणता हासिल करना चाहता है।
3. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बालक 'संरक्षण' (Conservation) और 'सकर्मक अनुमान' (Transitive Inference) के गुणों को पूरी तरह से आत्मसात कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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