समावेशी शिक्षा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,218 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूडीएल (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख मूल सिद्धांतों—'प्रतिनिधित्व के बहु-साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहु-साधन' (Multiple Means of Expression and Action), और 'सहभागिता के बहु-साधन' (Multiple Means of Engagement)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी विविध अधिगम आवश्यकताओं वाली कक्षा में प्रत्येक शिक्षार्थी की अनूठी संज्ञानात्मक और संवेगात्मक शैली को ध्यान में रखते हुए इन सिद्धांतों को लागू करना चाहता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम यूडीएल के दार्शनिक और व्यावहारिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से चरितार्थ करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में यूडीएल (Universal Design for Learning) एक ऐसा दृष्टिकोण है जो पाठ्यक्रम के डिजाइन में लचीलापन लाने पर जोर देता है ताकि हर प्रकार के छात्र को सीखने के समान अवसर मिल सकें। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। यूडीएल के तीनों सिद्धांत यह सुनिश्चित करते हैं कि शिक्षण सामग्री प्रस्तुत करने, ज्ञान की अभिव्यक्ति करने और छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के वैकल्पिक साधनों का उपयोग किया जाए, जिससे शारीरिक, मानसिक या सामाजिक रूप से भिन्न सभी बच्चों की आवश्यकताएं पूरी हो सकें।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में…
Related Questions
→
'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products)' के त्रिविमीय वर्गीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल नेटवर्क' (Frontoparietal Network), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), और 'ऑक्सीपिटोपैरिएटल जंक्शन' (Occipitoparietal Junction) के बीच सूचना प्रसंस्करण, बहु-आयामी संज्ञानात्मक एकीकरण (Multidimensional Cognitive Integration), और मानसिक रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं' (Primary Mental Abilities) के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मल्टी-डाइमेंशनल कॉग्निटिव पेडागोजी' (Multi-Dimensional Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक चिंतन, बहु-परप्रेक्ष्य समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के प्रभावी शिक्षण और समावेशन के लिए 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) तथा 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की रणनीतियों का तात्विक और शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का प्रमुख दर्शन क्या है?
→
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक एवं व्यावहारिक सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विशेष शिक्षक सामान्य कक्षा-कक्ष में विविध क्षमताओं, अक्षमताओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले शिक्षार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहु-संवेदी माध्यमों (Multiple Means of Representation, Expression, and Engagement) का उपयोग करता है, तो इस समावेशी शैक्षिक प्रतिमान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के तहत 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक, मनोवैज्ञानिक तथा शैक्षिक समावेशन के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय अपने कक्षा-कक्ष परिवेश में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं (जैसे श्रवणबाधा, दृश्यबाधा, हल्के बौद्धिक विकार तथा सांस्कृतिक रूप से भिन्न पृष्ठभूमि) वाले विद्यार्थियों के लिए बहु-आयामी प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के मार्ग प्रशस्त करता है, तो UDL के इस आधुनिक समावेशी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अर्थात बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement), बहुविध प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), और बहुविध अभिव्यक्ति एवं कार्रवाई (Multiple Means of Action and Expression)—का गहन तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं (जैसे दृश्य, श्रवण, बौद्धिक और अधिगम अक्षमता) वाले बच्चों के लिए पाठ्यचर्या को लचीला और सुगम बनाता है, तो UDL के इन वैज्ञानिक मानदंडों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.