जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास के चरण' (Stages of Cognitive Development) की निरंतरता, अपरिवर्तनीयता (Invariance) और सार्वभौमिकता (Universality) के तात्विक एवं दार्शनिक पहलुओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बाल मनोवैज्ञानिक यह प्रेक्षण करता है कि विभिन्न संस्कृतियों और भौगोलिक परिवेशों के बच्चे इन चरणों को एक निश्चित क्रम में ही पार करते हैं—भले ही जैविक परिपक्वता और पर्यावरणीय अनुभवों की भिन्नता के कारण किसी विशिष्ट चरण को प्राप्त करने की आयु सीमा में थोड़ा बहुत अंतर (Age Shift) आ सकता हो—तो पियाजे के इस अवस्था-सिद्धान्त (Stage Theory) के संरचनात्मक स्वरूप और उसकी तात्विक मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, विकास की अवस्थाएँ सार्वभौमिक (Universal) और अपरिवर्तनीय (Invariant) होती हैं। इसका तात्पर्य यह है कि दुनिया के किसी भी कोने या संस्कृति का बच्चा हो, वह इन चरणों को एक निश्चित और तयशुदा क्रम में ही पार करेगा (जैसे- संवेदी-गामक से पूर्व-संक्रियात्मक, फिर मूर्त-संक्रियात्मक और अंत में औपचारिक संक्रियात्मक)। हालांकि, स्थानीय संस्कृति, परिवेश और जैविक परिपक्वता के स्तर में भिन्नता के कारण किसी चरण में प्रवेश करने की आयु में कुछ महीनों या वर्षों का अंतर (Age Shift) आ सकता है, किंतु चरणों के अनुक्रम (Sequence) में कभी बदलाव नहीं होता। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान बालकों के तार्किक चिंतन में आने वाले गुणात्मक परिवर्तनों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'क्रमबद्धता' (Seriation)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक यह भली-भांति समझ लेता है कि किसी तरल पदार्थ को चौड़े बर्तन से लंबे और संकीर्ण बर्तन में डालने पर उसकी मात्रा में कोई परिवर्तन नहीं होता (संरक्षण), और वह वस्तुओं को उनकी लंबाई या भार के क्रमानुसार व्यवस्थित कर सकता है, परंतु वह अभी भी किसी पूरी तरह से अमूर्त या काल्पनिक परिकल्पनाओं पर आधारित तार्किक समस्याओं (जैसे बीजगणितीय या सिद्धांतात्मक निगमन) को हल करने में असमर्थ रहता है, तो पियाजे के इस विकासात्मक चरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख संज्ञानात्मक सीमाओं—जैसे 'आत्मकेन्द्रीकरण' (Egocentrism), 'जीववाद' (Animism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—तथा 'संरक्षण' (Conservation) के अभाव का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 4 वर्ष का बालक यह तर्क देता है कि सूरज बादलों के पीछे छिप गया है क्योंकि वह सो रहा है (जीववाद), और वह पानी के दो समान गिलासों में से लंबे गिलास को अधिक पानी वाला मानता है क्योंकि उसका ध्यान केवल ऊँचाई पर केंद्रित रहता है (केंद्रीयकरण), तो पियाजे के इस विकासात्मक प्रतिमान और उसकी अंतर्निहित कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'आत्मसातकीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation), और 'संतुलनीकरण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई बच्चा पहली बार किसी चार पैर वाले चौपाए 'कुत्ते' को देखता है और उसे अपनी पूर्व-स्थापित स्कीमा (Schema) के आधार पर 'बिल्ली' मान लेता है (क्योंकि दोनों के चार पैर और पूंछ होती है), किंतु जब वह देखता है कि कुत्ता भौंकता है और बिल्ली म्याऊँ करती है, तब वह अपने मानसिक स्कीमा में संशोधन करते हुए दोनों के बीच भेद करना सीखता है। पियाजे के इस संज्ञानात्मक विकास प्रतिमान और ज्ञानात्मक संतुलन की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की विशिष्ट योग्यताओं और सीमाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा 'जीववाद' (Animism), 'अहंकेंद्रितता' (Egocentrism), और 'संरक्षण' (Conservation) के अभाव जैसी विशेषताओं को प्रदर्शित करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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