अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,751 times
अधिगम के वक्र (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों—जैसे उत्तल वक्र (Convex Curve / ऋजु-रेखीय निष्पादन का ह्रास), अवतल वक्र (Concave Curve / एस-आकार या सकारात्मक त्वरित वक्र), तथा मिश्रित एस-आकार का वक्र (S-shaped or Sigmoid Curve)—तथा 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के सिद्धांतों (जैसे सी.एच. जूड का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' और थार्नडाइक का 'समरूप तत्वों का सिद्धांत') का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी नवीन कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत मंद गति से प्रगति करता है किंतु अभ्यास के साथ जैसे-जैसे उसकी समझ और अंतर्दृष्टि विकसित होती है, उसकी सीखने की गति में तीव्र वृद्धि (घातांकीय वृद्धि) होने लगती है, और इसके साथ ही पूर्व में सीखे गए गणितीय तार्किक नियम जब भौतिकी की जटिल समस्याओं को हल करने में प्रत्यक्ष रूप से सहायक सिद्ध होते हैं; तो अधिगम के इन वक्रों और स्थानांतरण के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम की प्रक्रिया में जब शुरुआती दौर में सीखने की गति धीमी होती है और अभ्यास के साथ आगे चलकर उसमें तेजी आने लगती है, तो इसे 'अवतल वक्र' (Concave Curve) या वर्धमान निष्पादन वक्र कहा जाता है। इसके विपरीत, उत्तल वक्र (Convex Curve) में प्रारंभ में प्रगति तीव्र होती है और बाद में मंद पड़ जाती है। जब एक क्षेत्र का ज्ञान या कौशल दूसरे क्षेत्र के सीखने में सहायता करता है, तो उसे 'धनात्मक अधिगम स्थानांतरण' (Positive Transfer of Learning) कहा जाता है। इस विषय की विस्तृत सैद्धांतिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम के वक्र (Learning Curves), अधिगम पठार (Plateau of Learning) और अधिगम का…
← पिछला प्रश्न
अधिगम के पठार (Plateaus in Learning) के उत्पन्न होने के…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism and Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी अनुक्रिया (Response) के बाद यदि संतोषजनक या सुखद परिणाम (Satisfying State of Affairs) प्राप्त होता है, तो उस उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया के बीच का तंत्रिकाकीय संबंध मजबूत हो जाता है, तथा यदि असंतोषजनक या कष्टप्रद परिणाम प्राप्त होता है, तो वह बंधन कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुदृढ़ीकरण, संतोषजनक अनुभवों और प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो उसे संतोष मिलता है तथा जब वह तैयार नहीं होता और उसे जबरन कार्य कराया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक तत्परता और अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) और 'एसोसिएशन एरिया' (Association Areas) के बीच न्यूरल पाथवे शेयरिंग, सिनैप्टिक ओवरलैप और पुराने कौशलों के तंत्रिका नेटवर्क के पुनरुपयोग की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संदर्भ-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Context-based Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में सीखी गई संकल्पनाओं के वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
अधिगम के पठार (Plateau of Learning), अधिगम वक्रों की विभिन्न अवस्थाओं तथा 'अधिगम के सकारात्मक एवं नकारात्मक स्थानांतरण' (Positive and Negative Transfer of Learning) की तात्विक और वैज्ञानिक संकल्पनाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी शिक्षार्थी की सीखने की प्रक्रिया के दौरान प्रेरणा में कमी, थकान, या जटिल विषय-वस्तु के कारण निष्पादन वक्र पूरी तरह से क्षैतिज (Flat) हो जाता है, और साथ ही उसके द्वारा पूर्व में अर्जित कोई कौशल नई परिस्थिति में उसके सीखने की गति को या तो अत्यधिक बाधित करता है या सुगम बनाता है; तो इस मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
अधिगम के पठार (Plateaus in Learning) के उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों तथा अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न स्वरूपों—विशेषकर 'द्विपार्श्वीय स्थानांतरण' (Bilateral Transfer) और 'सकारात्मक व नकारात्मक स्थानांतरण'—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
अधिगम के पठार (Plateaus in Learning) के उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों, उसके निवारण के उपायों तथा एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम स्थानांतरण के समतुल्य अवयव सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के तात्विक एवं अंतर्संबंधात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
अधिगम के वक्र (Learning Curves), अधिगम के पठार (Plateaus) और अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करते हुए बताइए कि यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत मंद गति से प्रगति करता है किंतु बाद में अभ्यास के साथ उसकी सीखने की गति तीव्र हो जाती है (जिसे नतोदर या सकारात्मक वक्र कहा जाता है), तत्पश्चात प्रेरणा की कमी, अत्यधिक मानसिक थकान या शारीरिक शिथिलता के कारण उसके निष्पादन में एक समतल स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे पठार कहा जाता है, तथा इस पठार को तोड़ने के उपरांत यदि वह पूर्व में अर्जित किसी कौशल का नए विषय पर कोई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव न पड़ने की स्थिति का अनुभव करता है; तो अधिगम के इन गत्यात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.