जीन पियाजे
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में 'स्कीमा' (Schema) के निर्माण, उनमें संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया यानी 'साम्यावस्था' (Equilibration), और जब मौजूदा स्कीमा नई जानकारी को समायोजित करने में असफल होता है तो उत्पन्न होने वाली 'असाम्यावस्था' (Disequilibrium) के दौरान 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की द्वंद्वात्मक क्रियाविधि का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस संपूर्ण संज्ञानात्मक अनुकूलन (Cognitive Adaptation) की प्रक्रिया को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करते हुए ज्ञान का निर्माण करते हैं। इस प्रक्रिया में 'स्कीमा' (मानसिक संरचनाओं) का अहम योगदान होता है। जब बच्चा नई जानकारी का सामना करता है, तो वह 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) के माध्यम से उसे अपने मौजूदा स्कीमा में ढालने का प्रयास करता है। परंतु जब नई जानकारी पुराने स्कीमा से मेल नहीं खाती, तब 'असाम्यावस्था' (Disequilibrium) उत्पन्न होती है। इस मानसिक असंतुलन को दूर करने के लिए बच्चा 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रिया द्वारा या तो अपने पुराने स्कीमा में संशोधन करता है या नए स्कीमा का निर्माण करता है, जिससे अंततः 'साम्यावस्था' (Equilibration) स्थापित होती है। इस पूरे ज्ञनात्मक तंत्र को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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